जेएनएन, पंचकूला। दिल्ली के मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल शालीमार ग्राउंड में हरियाणा पेंशन बहाली संघर्ष समिति के आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी में उन लोगों के लिए जगह नहीं है, जिन्हें पद की लालसा है। कहा सुखपाल खैहरा अवसरवादी नेता हैं, उन जैसों के लिए आप में कोई जगह नहीं है।

उन्होंने एलान किया कि हरियाणा में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के 15 दिन के अंदर कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी जाएगी। केजरीवाल ने पेंशन बहाली की मांग कर रहे कर्मचारी नेताओं के आंदोलन को सही करार दिया। कहा कि पार्टी उनके संघर्ष में साथ है।

कर्मचारी दफ्तरों में कम, सड़कों पर अधिक रहे

केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा में पिछले चार वर्ष से खट्टर सरकार है, तब से कर्मचारी अपने दफ्तरों में कम और सड़कों पर अधिक रहे हैं। हरियाणा में गेस्ट टीचरों के धरने, तो कभी रोडवेज की हड़ताल और आशा वर्करों के आंदोलन अखबारों की सुर्खियां बने हैं। हरियाणा समेत पूरे देश का राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह है कि जिस भी सरकार ने कर्मचारियों को परेशान किया है और उनकी मांगों को पूरा नहीं किया, वह कभी सत्ता में नहीं आई।

केजरीवाल ने मनोहर लाल को कर्मचारी विरोधी मुख्यमंत्री करार दिया। आप सुप्रीमो ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में भी कर्मचारियों की पेंशन योजना को लागू किया है, जिसे केंद्र सरकार ने अटका रखा है। भाजपा कर्मचारी विरोधी है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार की राह में रोड़े अटकाने के अलावा दूसरा काम नहीं किया।

शिक्षकों और डॉक्टरों को दिया अच्छी व्यवस्था का श्रेय

केजरीवाल ने दिल्ली के स्कूलों और अस्पतालों के कायाकल्प का श्रेय अध्यापकों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को देते हुए कहा कि दिल्ली में जो लोग कांग्रेस की सरकार में काम करते थे, वही आज कर रहे हैं, लेकिन पूर्व की सरकारों ने उन्हें परेशान किया। दिल्ली के स्कूलों और अस्पतालों की चर्चा आज पूरे देश में हो रही है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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