राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Haryana Local Body Elections 2022 Date: हरियाणा में एक साल से अधिक समय के इंतजार के बाद शहरी स्थानीय निकायों का बिगुल बज गया है। शहरों की छोटी सरकार कही जाने वाली नगर परिषद व नगर पालिकाओं के लिए मतदान 19 जून को होगा और 22 जून को नतीजे घोषित होंगे।

हरियाणा में कुल 46 शहरों में चुनाव होने हैं जिनमें 18 नगर परिषद और 28 नगर पालिकाएं शामिल हैं। कुल 18 लाख 30 हजार 208 मतदाता प्रत्यक्ष चुनाव के जरिये पालिका चेयरमैन और परिषद प्रधान के साथ ही पार्षद का चुनाव करेंगे। राज्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने सोमवार को चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया।

इसके साथ ही फरीदाबाद को छोड़कर प्रदेश के सभी 21 जिलों के 46 शहरों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। इन शहरों में सरकार न तो कोई नई घोषणा कर सकेगी और न ही किसी विकास परियोजना का शिलान्यास और उद्घाटन हो पाएगा।

चुनाव क्षेत्रों को छोड़कर बाकी शहरों एवं ग्रामीण इलाकों पर आचार संहिता लागू नहीं होगी। राज्य चुनाव आयोग ने चुनावी खर्च की सीमा में भी बढ़ोतरी की है। नगर परिषद में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार 15 लाख की बजाय 16 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे।

परिषद में पार्षदों की खर्च सीमा तीन लाख 30 हजार रुपये से बढ़ाकर साढ़े तीन लाख रुपये की गई है। नगर पालिका के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार 10 लाख के बजाय साढ़े 10 लाख रुपये तक प्रचार पर खर्च कर सकेंगे। पालिका में वार्ड पार्षद के प्रत्याशी सवा दो लाख की जगह ढाई लाख रुपये तक चुनावी खर्चा कर सकेंगे।

चुनावी खर्चे के लिए अलग से बैंक खाता खुलवाना होगा और पूरा रिकार्ड रखना होगा। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 दिनों के भीतर चुनावी खर्चों की जानकारी रिटर्निंग अधिकारी को देनी होगी। यह जानकारी नहीं देने वाले प्रत्याशियों को अगले पांच वर्षों के लिए चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाएगी।

प्रत्याशियों पर अगर किसी तरह का क्रिमिनल केस दर्ज है तो नामांकन-पत्र के साथ शपथ पत्र में इसकी सूचना देनी होगी। इस संदर्भ में चुनाव आयोग ने विस्तृत गाइड लाइन जारी की हैं। 10 हजार कर्मचारी और अधिकारी चुनाव प्रक्रिया को पूरा कराएंगे।

इन 18 परिषद में होंगे चुनाव

भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, बहादुरगढ़, कैथल, नारनौल, नूंह, कालका, फतेहाबाद, टोहाना, सोहना, हांसी, नरवाना, जींद, पलवल, होडल, गोहाना व मंडी डबवाली

इन 28 पालिकाओं में चुनाव

नारायणगढ़, रतिया, भूना, बरवाला, सफीदों, उचाना, घरौंडा, तरावड़ी, निसिंग, असंध, चीका, राजौंद, महेंद्रगढ़, नांगल-चौधरी, फिरोजपुर-झिरका, पुन्हाना, इस्माइलाबाद, शाहबाद, पिहोवा, लाडवा, समालखा, महम, बावल, गन्नौर, कुंडली, ऐलनाबाद, रानियां व सढ़ौरा

चुनावों का यह रहेगा शेड्यूल

  • अधिसूचना जारी 24 मई
  • नामांकन दाखिल कर सकेंगे 30 मई से 4 जून तक
  • नामांकन पत्रों की छंटनी 6 जून
  • नामांकन पत्रों की वापसी 7 जून
  • मतदान 19 जून को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक
  • पुनर्मतदान (जरूरत पड़ने पर) 21 जून
  • मतगणना 22 जून

सामान्य वर्ग के लिए दसवीं पास होना जरूरी

नगर परिषद और पालिकाओं में अध्यक्ष पद के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों का 10वीं पास होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के पार्षद पद के उम्मीदवारों पर भी यही शर्त लागू रहेगी। अध्यक्ष या पार्षद का चुनाव लड़ने वाली महिलाओं के लिए आठवीं पास होना अनिवार्य है। अनुसूचित जाति के अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के लिए आठवीं और पार्षद पद के लिए पांचवीं पास होना जरूरी है।

आयोग की मंजूरी से ही हो सकते तबादले : धनपत सिंह

राज्य चुनाव आयुक्त राज्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव वाले सभी 46 स्थानीय निकायों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। इन स्थानों पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बदली आयोग की मंजूरी के बगैर नहीं होगी। किसी भी तरह की नई घोषणा या परियोजना का शिलान्यास और उद्घाटन भी नहीं हो सकेगा। चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

नोटा जीता तो फिर होंगे चुनाव, हारे उम्मीदवाराें को दोबारा मौका नहीं

निकाय चुनावों में मतदाताओं को नोटा (इनमें से कोई नहीं) का विकल्प भी मिलेगा। कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं आने पर मतदाता ईवीएम पर नोटा का बटन दबा सकते हैं। नोटा को सबसे ज्यादा वोट मिले तो दोबारा चुनाव होंगे जिसमें हारे हुए प्रत्याशियों को मौका नहीं दिया जाएगा। अगर दूसरी बार भी नोटा जीत गया तो फिर दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशी तो विजेता घोषित किया जाएगा।

राज्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने बताया कि मेयर और पार्षद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की फोटो ईवीएम पर लगाई जाएगी। गुलाबी रंग की शीट पर प्रधान तथा सफेद रंग की शीट पर पार्षद के उम्मीदवार का फोटो होगा। इस तरह हर मतदान केंद्र पर दो ईवीएम होंगी।

एक मशीन पर मेयर के प्रत्याशी को वोट दी जा सकेगी और दूसरे पर पार्षद पद के उम्मीदवार को वोट डलेगी। इन मशीनों में नोटा का बटन भी होगा। यदि नोटा को मिलने वाला वोट किसी भी प्रत्याशी से अधिक होगा तो संबंधित वार्ड अथवा प्रधान के पूरे इलेक्शन को रद कर दिया जाएगा और नए सिरे से वोटिंग होगी।

आम आदमी पार्टी के लिए रिजर्व होगा झाड़ू

निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी भी अपने चुनाव चिन्ह झाड़ू पर उम्मीदवार उतार सकेगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने झाड़ू को पालिकाओं के प्रधान व पार्षदों के लिए आवंटित किए जाने वाले मुक्त चुनाव चिह्नों में शामिल कर रखा है।

राज्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने बताया कि नियमानुसार पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दल किसी एक मुक्त चुनाव चिह्न पर लड़ना चाहते हैं तो उसे चुनाव की अधिसचूना जारी करने के तीन दिनों के भीतर आवेदन करना होता है। आम आदमी पार्टी ने झाड़ू चुनाव चिन्ह अपने प्रत्याशियों के लिए सुरक्षित रखने का आग्रह किया है, इसलिए यह चुनाव चिन्ह आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को दिया जाएगा।

Edited By: Kamlesh Bhatt