चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब कांग्रेस में मचे बवाल और वहां के सीएम कैप्‍टन अमरिंदर सिंह व उनके मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के विवाद में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज भी कूद पड़े हैं। उन्‍होंने नवजाेत सिद्धू पर निशाना साधा है और पाकिस्‍तान चले जाने की सलाह दी है। अनिल विज ने कहा कि सिद्धू को कांग्रेस से निकालने की बात हो रही है। ऐसे में उनके पास पाकिस्‍तान जाने और वहां इमरान खान की पार्टी में शामिल होने का विकल्‍प ही बचा है।

विज ने कहा- अब सिद्धू के लिए इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ में ही शामिल होने का ही विकल्‍प

अनिल विज ने साेमवार को कैप्‍टन और सिद्धू के बीच विवाद पर ट्वीट किया। उन्‍होंने ट्वीट में नवजोत सिद्धू पर सीधा हमला किया। विज ने कहा, सिद्धू के सामने सिर्फ इमरान खान की पार्टी में शामिल होने का विकल्प बचा है। कई मौकों पर सिद्धू को घेरते रहे विज ने कहा सिद्धू के पास अब एक ही विकल्प बचा है कि वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ में शामिल हो जाएं।

विज ने कहा कि सिद्धू को उनकी खुद की पार्टी के नेता बाहर का रास्ता दिखाने की वकालत करने लगे हैं। वैसे भी सिद्धू के इमरान खान से अच्छे संबंध हैं और वह पाकिस्तान जाकर इमरान खान की भाषा बोलने के साथ-साथ उनके साथ गलबहियां डालते हैं। लिहाजा उन्हें इमरान की पार्टी ही चुन लेनी चाहिए। लोकसभा चुनाव को लेकर विभिन्न एजेंसियों के एक्जिट पोल में भाजपा को मिल रहे जनसमर्थन पर विज ने कहा कि हार के बहाने ढूंढऩे के लिए विपक्षी पार्टियां अब गूगल की मदद ले रहे हैं। उन्हें पता है कि उनकी नैया डूब चुकी है।

यह है कैप्‍टन अमरिंदर और नवजोत सिद्धू का विवाद

पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू अक्‍सर अपने मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह पर हमला करते रहे हैं। कई मौकों पर उन्‍होंने कैप्‍टन पर हमला करने के बाद उनसे माफी भी मांगी। पत्‍नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को लोकसभा चुनाव में कांग्रेस टिकट नहीं मिलने के बाद सिद्धू फिर नाराज हाे गए। पहले तो उन्‍होंने लोकसभा चुनाव के दौरान पंजाब में कांग्रेस के लिए प्रचार नहीं किया और बाद में अंतिम दो दिन प्रचार के लिए आए तो फिर विवादित बयान का धमाका कर दिया।

पंजाब में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस की चुनावी सभा में ही उन्‍होंने कैप्‍टन अमरिंदर सिंह पर हमले की झड़ी लगा दी। इसके बाद रविार को मतदान के दिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू पर पलटवार कर दिया और उनको अनुशासनहीन करार दिया। सिद्धू के खिलाफ कई मंत्री खुलकर सामने आ गए हैं। अब बताया जा रहा है कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिद्धू के बारे में बड़ा फैसला करेगी। उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की संभावना है।

कैप्‍टन ने कहा- सिद्धू अनुशासनहीन, मुझे हटाकर बनना चाहते हैं मुख्‍यमंत्री

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सिद्धू द्वारा गलत समय पर मेरे और पार्टी लीडरशिप के खिलाफ की गई टिप्पणी से कांग्रेस को नुकसान हुआ है। सिद्धू मुझे हटाकर मुख्‍यमंत्री बनना चाहते हैं। इसके साथ ही कैप्‍टन ने सिद्धू के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के संकेत भी दिए। उन्‍होंने कहा कि सिद्धू पर कार्रवाई करने का फ़ैसला पार्टी हाईकमान के हाथ है, लेकिन कांग्रेस अनुसाशनहीनता बर्दाश्त नहीं करेगी।

कैप्‍टन ने कहा कि अगर सिद्धू सच्चे कांग्रेसी होते तो अपनी शिकायत रखने के लिए सही समय का चयन करते न कि मतदान से ठीक पहले इस तरह का बयान देते। पार्टी मेें अलग-अलग विचार होते हैं, लेकिन सिद्धू ने जो तरीका अपनाया वह गलत है। वह मुख्‍यमंत्री बनने के लिए इतने उतावले हैं कि उनको समय और मौके का भी ध्‍यान नहीं रहता। कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा, मेरा नवजोत सिंह सिद्धू से किसी तरह का वाकयुद्ध नहीं है। वह बेहद महत्‍वाकांक्षी हैं और इसमें कुछ बुराई नहीं है। मैं सिद्धू को उनके बचपन से जानता हूं। मेरा उनसे कोई वैचारिक मतभेद नहीं है। वह शायद मुझे हटाकर सीएम बनने की जल्‍दी में हैं। जो भी हो उनके तरीके से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।

कांग्रेस की पंजाब प्रभारी आशा कुमारी ने कहा है कि सिद्धू के खिलाफ काफी शिकायतें मिली हैं। चुनाव प्रक्रिया के बाद सिद्धू के मामले में पार्टी विचार कर सकती है। आशा कुमारी ने कहा कि सिद्धू के बयान को लेकर काफी शिकायतें आई हैं। मामला राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भी जानकारी में है। अभी चुनाव प्रक्रिया चल रही है। पंजाब के प्रदेश प्रभारी सुनील जाखड़ भी चुनाव लड़ रहे हैं। चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस पर विचार किया जाएगा।

मंत्रियों में कड़ी नाराजगी

वरिष्‍ठ मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने कहा कि सिद्धू सिर्फ दो साल पहले कांग्रेस में आए हैं और अपने नियम झाड़ रहे हैं। अपना एजेंडा अन्य लोगों पर भी लागू कर रहे हैं। इसका हाईकमान को गंभीर नोटिस लेना चाहिए। सिद्धू पार्टी व सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि पार्टी को केवल सिद्धू ही नहीं,  बल्कि राज्यसभा सदस्य शमशेर सिंह दूलों और प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए।

यह कहा था नवजोत सिंह सिद्धू ने

नवजोत सिंह सिद्धू ने 17 मई को पंजाब में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन बठिंडा में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के समर्थन में सभा के दौरान बिना नाम लिए कैप्‍टन के खिलाफ जैसे मोर्चा ही खोल दिया था। नवजोत सिद्धू ने कहा था, कोई बोलता है कि अगर सभी 13 सीटें हार गए तो इस्तीफा दे दूंगा, लेकिन मैं कहता हूं कि अगर बेअदबी करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। बहुत देख लीं राज्य सभा की सदस्यताएं एवं मंत्री पद।

बता दें कि कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पंजाब की सभी 13 सीटों पर हार गई तो वह मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा दे देंगे। सिद्धू ने इशारों में बादल परिवार और कैप्‍टन अमरिंदर सिंह में मिलीभगत का भी आरोप जड़ा। उन्‍होंने कहा कि फ्रेंडली मैच खेलने वालों को हराएं।

सिद्धू ने कहा कि बेअदबी मामले में जब जस्टिस रंजीत सिंह कमीशन ने अपनी रिपोर्ट दे दी तो फिर आरोपितों के खिलाफ एफआइआर क्यों नहीं दर्ज हुई। एसआइटी बड़ी है या फिर कमीशन की रिपोर्ट? कमीशन को एसआइटी से कोई लेना-देना नहीं। सिद्धू ने लोगों से यह भी कहा कि जो बेअदबी करने वालों को बचाते हैं, उन्हें भी ठोकें।

 

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