जेएनएन, चंडीगढ़। एसवाइएल नहर मामले पर पंजाब के कदम के बाद हरियाणा मेें भी हलचल तेज हाे गई है। इस मामले पर हरियाणा के सभी दलों के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेगा। सभी नेता वहां हरियाणा का पक्ष रखेंगे और एसवाइएल नहर का निर्माण पूरा कराकर राज्य को पानी दिलाने की मांग करेंगे। यदि इसके बाद भी इस मामले में समुचित कदम नहीं उठाया गया तो हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी।

एसवाइएल पर संयुक्त रणनीति बनाने के लिए बुधवार को यहां हरियाणा निवास में सभी राजनीतिक दलों की सरकार के साथ सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में पंजाब से एसवाइएल का पानी लेने के बारे में चर्चा हुई। पंजाब द्वारा हरियाणा समेत तीन राज्यों को 1966 से दिए गए पानी का बिल भेजने के निर्णय को लेकर नेताओं में आक्रोश जताया। नेताओं ने इसे पंजाब की भड़काऊ कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवहेलना करार दिया।

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बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला, कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पंवार और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज बैठक में सरकार अौर भाजपा की तरफ से मौजूद हैं। कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर और कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

सर्वदलीय बैठक में मौजूद भूपेंद्र सिंह हु्ड्डा, अशोक अरोड़ा और अभय चौटाला।

बैठक में इनेलो विधायक दल के नेता अभय सिंह चौटाला और पार्टी के के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा भी मौजूद थे। अन्य दलों के विधायक और नेता भी बैठक में मौजूद थे। बैठक में राज्य के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन को खासतौर से बुलाया गया।

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बैठक मेें सभी दलों के नेताओं ने एसवाइएल पर बेहतर तालमेल और संयुक्त रूप से कदम उठाने पर जाेर दिया। बैठक में कहा गया कि एसवाइएल नहर का निर्माण पूरा करा कर पंजाब से अपने हिस्से का पानी लेने के लिए सभी संभव कदम उठाया जाए।

बैठक में नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार एसवाइएल नहर का निर्माण कार्य पूरा कराने की जगह असंवैधानिक कदम उठा रहा है। एसवाइएल के लिए अधिग्रहीत जमीन मुक्त करना और हरियाणा सहित तीन राज्यों से पानी की रॉयल्टी मांगना गैरकानूनी कदम व सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है।

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बैठक मेें तय किया गया कि पंजाब के इन कदमों के विरोध और एसवाइएल क मुद्दे सभी दलों का प्रतिनिधिमंडल पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलेगा। इसके बाद सभी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट करेंगे। राष्ट्रपति आैर प्रधानमंत्री से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को लागू कराने और एसवाइएल नहर का निर्माण पूरा करा कर हरियाणा को उसके हिस्से का पानी दिलाने की मांग की जाएगी।

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बैठक में तय किया गया कि यदि इसके बाद भी इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए ताे फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। सभी नेताओं ने कहा कि इस मामले पर फिर सर्वदलीय बैठक आयोजित कर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के बारे में भी फैसला किया जाएगा।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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