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हरियाणा के 20 लाख बुजुर्गों में मिसाल बने पंचकूला के नरपत सिंह, 80 साल की उम्र में ठुकराई बुढ़ापा पेंशन

Published: Mon, 28 Sep 2026 02:32 PM (IST)

पंचकूला के 80 वर्षीय नरपत सिंह राणा ने आत्मनिर्भरता का संदेश देते हुए बुढ़ापा पेंशन लेने से इनकार कर दिया ...और पढ़ें

पंचकूला के गांव बतौड़ में ग्रामीणों के साथ बैठे किसान नरपत सिंह राणा।

पंचकूला के गांव बतौड़ में ग्रामीणों के साथ बैठे किसान नरपत सिंह राणा।

HighLights

  1. पंचकूला के गांव बतौड़ के रहने वाले हैं नरपत सिंह।

  2. 80 के हुए, आज तक बुढ़ापा पेंशन का लाभ नहीं लिया।

  3. आज भी मेहनत को  मानते हैं अपनी सबसे बड़ी पूंजी।

संवाद सहयोगी, बरवाला (पंचकूला)। बुढ़ापा जिंदगी का वह पड़ाव माना जाता है, जब इंसान दूसरों के सहारे की उम्मीद करता है। गांव बतौड़ के 80 वर्षीय किसान नरपत सिंह राणा ने इस सोच को अपनी जिंदगी से अलग रखा है और हरियाणा के 20 लाख बुजुर्गों में एक मिसाल पेश की।

उम्र के इस पड़ाव पर भी नरपत सिंह मेहनत को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं। यही वजह है कि सरकार की ओर से मिलने वाली बुढ़ापा पेंशन के हकदार होने के बावजूद उन्होंने आज तक इसका लाभ नहीं लिया।

नरपत सिंह का कहना है कि जब तक शरीर साथ दे रहा है और वह मेहनत करके अपनी जरूरतें पूरी कर सकते हैं, तब तक उन्हें किसी सरकारी सहायता की जरूरत महसूस नहीं होती। उनके लिए अपनी मेहनत से कमाई गई रकम से जीवन चलाना आत्मसम्मान की बात है।

उनकी इस सोच ने उन्हें गांव और आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। आज के दौर में जब सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण सहारा हैं, वहीं नरपत सिंह ने अपनी व्यक्तिगत स्थिति को देखते हुए पेंशन का लाभ नहीं लेने का फैसला किया है।

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बोले- जरूरतमंद के काम आए सरकारी पैसा

पूर्व सरपंच एवं समाजसेवी लक्ष्मण बतौड़ ने कहा कि बुढ़ापा पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं उन बुजुर्गों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, जिन्हें आर्थिक सहारे की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नरपत सिंह खुद मेहनत कर अपना जीवन चला रहे हैं, इसलिए उन्होंने पेंशन न लेने का फैसला किया। उनका यह कदम आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का संदेश देता है।

नरपत सिंह की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि यह किसी सरकारी योजना के विरोध की कहानी नहीं, बल्कि अपनी जरूरत और परिस्थिति के हिसाब से लिया गया एक व्यक्तिगत फैसला है। 80 वर्ष की उम्र में भी मेहनत के प्रति उनका भरोसा और आत्मनिर्भर रहने की इच्छा निश्चित रूप से लोगों का ध्यान खींच रही है।

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हरियाणा के बुढ़ापा पेंशन के लाभार्थी

  • 20 लाख 5000 बुजुर्ग पेंशन ले रहे
  • 10 लाख 44 हजार 69 पुरुष
  • 9 लाख 61 हजार 298 महिलाएं

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