विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

6824 गिरफ्तार, 19 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त... हरियाणा में नशा तस्करों पर शिकंजा

Published: Fri, 23 Oct 2026 10:24 PM (IST)

हरियाणा में नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए जनवरी से सितंबर 2026 तक 6,824 गिरफ्तारियां हुईं और 19.52 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई।

30 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का लक्ष्य, 12 तस्करी गिरोहों को तोड़ने की कार्रवाई। सांकेतिक तस्वीर

30 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का लक्ष्य, 12 तस्करी गिरोहों को तोड़ने की कार्रवाई। सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. जनवरी-सितंबर 2026 तक 6,824 नशा तस्कर गिरफ्तार।

  2. 19.52 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच, 230% वृद्धि दर्ज।

  3. दिसंबर 2026 तक 30 करोड़ संपत्ति अटैच करने का लक्ष्य।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए जनवरी से सितंबर 2026 तक 6,824 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान नशा तस्करी से जुड़ी 19.52 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गई हैं। पिछले साल की समान अवधि में 5.92 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच हुई थी।

इस तरह संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई में करीब 230 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य सरकार ने दिसंबर 2026 तक 30 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश में 12 नशा तस्करी गिरोहों की पहचान कर उन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राज्य स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र समिति की 14वीं बैठक में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई, वित्तीय जांच, अभियोजन और नशा मुक्ति एवं पुनर्वास व्यवस्था की समीक्षा की गई।

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार ने बताया कि जनवरी से सितंबर के दौरान मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर की संख्या 2,722 से बढ़कर 3,809 हो गई। गिरफ्तारियां भी 5,393 से बढ़कर 6,824 तक पहुंच गईं। इस अवधि में हेरोइन की बरामदगी 43.176 किलोग्राम से बढ़कर 84.695 किलोग्राम और अफीम की बरामदगी 235.550 किलोग्राम से बढ़कर 430.300 किलोग्राम हो गई।

एडीजीपी ने बैठक में बताया कि दोषसिद्धि दर में भी सुधार दर्ज किया गया है। यह 53.33 प्रतिशत से बढ़कर 58.34 प्रतिशत हो गई। इसके अलावा 29 भगोड़ों की पहचान की गई है। वर्ष 2022 से अब तक 163 आदतन नशा अपराधियों को निवारक हिरासत में रखा गया है।

बैठक में नशा तस्करी के आर्थिक नेटवर्क पर प्रहार करने के लिए सभी वाणिज्यिक मात्रा वाले मामलों में वित्तीय जांच पर जोर दिया गया है। इसके लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो मुख्यालय में विशेष जांच एवं वित्तीय जांच प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है।

बैठक में प्रदेश के सभी 127 नशा मुक्ति केंद्रों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 के तहत निर्धारित पंजीकरण व्यवस्था के दायरे में लाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।

इसके साथ ही फारेंसिक प्रयोगशालाओं में कर्मचारियों की कमी दूर करने और जांच रिपोर्ट समय पर तैयार करने के उपायों पर चर्चा हुई। बैठक में गृह सचिव सुधीर राजपाल, डॉ. जी अनुपमा और एके सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।