विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

6230 पुलिसकर्मी तैनात, ड्रोन से होगी ग्रिडों की निगरानी; बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर CM नायब सैनी का सख्त रुख

Published: Wed, 21 Oct 2026 11:24 PM (IST)

गुरुग्राम और नूंह में निजी बिजली आपूर्ति लाइसेंस के विरोध में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समीक्षा बैठक की।

बिजली कर्मियों की हड़ताल में असामाजिक तत्वों से निपटने को 6230 पुलिस कर्मचारी, संवेदनशील उपक्रमों की ड्रोन से निगरानी।

बिजली कर्मियों की हड़ताल में असामाजिक तत्वों से निपटने को 6230 पुलिस कर्मचारी, संवेदनशील उपक्रमों की ड्रोन से निगरानी।

HighLights

  1. बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल पर सीएम ने की समीक्षा

  2. असामाजिक तत्वों से निपटने को 6230 पुलिसकर्मी, ड्रोन निगरानी

  3. जनता को असुविधा से बचाने को वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जाएंगी

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस मिलने के विरोध में बिजली कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को प्रशासनिक सचिवों और उपायुक्तों संग समीक्षा बैठक की।

उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से बिजली कर्मचारियों के साथ है। वहीं, हड़ताल के दौरान असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए 6230 पुलिस कर्मचारी लगाए गए हैं। संवेदनशील उपक्रमों की ड्रोन से निगरानी की जाएगी।

सभी जिलों के उपायुक्त बैठक से ऑनलाइन जुड़े, जबकि बिजली मंत्री अनिल विज, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी तथा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल बैठक में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बिजली कर्मचारी यूनियनों की मांग के अनुरूप विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बिजली यूनियनों से अपील की कि वे जनहित को देखते हुए हड़ताल के निर्णय को स्थगित करें।

मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि सभी विभागों को प्रो-एक्टिव होकर काम करना है। हड़ताल के चलते कोई अव्यवस्था न फैले तथा किसी भी बिजली संस्थान को कोई नुकसान न होने दिया जाए। अलग-अलग विभागों में कार्यरत टेक्निकल स्टाफ, उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों, पोलिटेक्निक कालेजों तथा आइटीआइ में कोर्स करने वाले अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की सेवाएं भी बिजली आपूर्ति को सुचारू करने हेतु ली जा सकती हैं।

सभी उपायुक्त जिला स्तर की कमेटी गठित करे जो चंडीगढ़ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई-लेवल कमेटी को नियमित रूप से रिपोर्ट दे। उपायुक्त अपने जिला में हाटलाइन नंबर के माध्यम से मुख्यालय से संपर्क बनाए रखें तथा जनता की शिकायत सुनने के लिए अलग से कंट्रोल रूम के नंबर भी सार्वजनिक किए जाएं।

उपद्रव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि हड़ताल की आड़ में उपद्रव को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई असामाजिक तत्व किसी बिजलीघर अथवा पावरग्रिड को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त काूननी कार्रवाई की जाएगी।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ दूसरे राज्यों से भी बुलाए कर्मचारी

ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ ने बताया कि आमजन को दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए विभाग द्वारा रिटायर्ड कर्मचारियों तथा पड़ोसी राज्यों के बिजली कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी।

कंट्रोल रूम में डायरेक्टर लेवल के अधिकारी तैनात रहेंगे। हड़ताल की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। बिजली व पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

सभी जिलों में कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर

पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि हड़ताल के दौरान सुरक्षा हेतु अतिरिक्त पुलिस बल लगाते हुए समुचित उपाय किए गए हैं। पुलिस द्वारा 1501 नंबर पर आने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों में कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी स्थापित किए गए हैं।