हरियाणा SIR में नए वोटरों के लिए 3.78 लाख आवेदन, 28 अक्टूबर तक आपत्तियों का निपटारा; 6 नवंबर को अंतिम सूची जारी
हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत नए मतदाता पंजीकरण के लिए 3.78 लाख आवेदन प्राप्त ...और पढ़ें
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हरियाणा SIR में नए वोटरों के लिए के लिए करीब चार लाख आवेदन। सांकेतिक फोटो
HighLights
नए मतदाता पंजीकरण के लिए 3.78 लाख आवेदन प्राप्त हुए।
4.35 लाख मामलों की सुनवाई अभी भी लंबित है।
28 अक्टूबर तक दावों का निपटारा, 6 नवंबर को अंतिम सूची।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और मौजूदा विवरण में बदलाव के लिए आवेदन किया है। प्रदेश में नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए 3 लाख 77 हजार 987 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए 40 हजार 162 आवेदन और नाम, पता व अन्य विवरण में संशोधन के लिए 2 लाख 14 हजार 693 आवेदन आए हैं। अब दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 28 अक्टूबर तक चलेगी। छह नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फार्म-6 के तहत सबसे ज्यादा आवेदन गुरुग्राम से 39,985 प्राप्त हुए हैं। फरीदाबाद से 33,463 और हिसार से 22,001 आवेदन आए। चरखी दादरी में 7,095, पंचकूला में 8,786 और नूंह में 9,087 आवेदन दर्ज किए गए हैं। फार्म-7 के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए कुल 40,162 आवेदन मिले।
इनमें पानीपत 3,600 आवेदनों के साथ सबसे आगे है। हिसार से 2,790 और सिरसा से 2,539 आवेदन आए हैं। फार्म-8 के तहत 2,14,693 आवेदन मतदाता सूची में जानकारी दुरुस्त करने, पता बदलने और मतदाता पहचान पत्र में बदलाव के लिए प्राप्त हुए हैं। इनमें कुरुक्षेत्र से 14,347, गुरुग्राम से 13,767 और जींद से 13,513 आवेदन शामिल हैं।
44.91 लाख नोटिस जारी, 40.56 लाख मामलों की सुनवाई पूरी
एसआइआर के दौरान मैपिंग नहीं होने या मैपिंग में विसंगति पाए जाने के कारण प्रदेश में 44 लाख 91 हजार 691 नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 40 लाख 56 हजार 716 मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 4 लाख 34 हजार 975 मामलों का निपटारा अभी बाकी है। सबसे अधिक लंबित मामले फरीदाबाद, करनाल और हिसार में हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजकुमार लोहान ने सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों की समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित की जाए और निर्णय लेते समय भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन हो।
फॉर्म रद होने की स्थिति में भी दोबारा जांच का मौका
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का मतलब मतदाता का नाम कटना नहीं है। जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, वे बीएलओ के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।
एक अक्टूबर को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस में यह भी निर्देश दिया गया कि सुनवाई के दौरान किसी मतदाता को अयोग्य पाए जाने या फार्म-6 रद होने की स्थिति में दोबारा जांच की जाए। किसी मतदाता का नाम अनावश्यक कारण से मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा।
