जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दे रहे हैं। प्रदेश के आबकारी एवं कराधान विभाग को सबसे अधिक मालदार विभाग माना जाता है। इस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले कर्मचारियों की सूची में सबसे ऊपर है। प्रदेश सरकार ने आबकारी एवं कराधान विभाग ने 34 अधिकारियों को चार्जशीट कर दिया है। इनमें 21 आबकारी एवं कराधान अधिकारी (ईटीओ) तथा 13 सहायक आबकारी एवं कराधान अधिकारी (एईटीओ) शामिल हैं। 

इससे पहले आबकारी एवं कराधान विभाग के 20 अधिकारियों पर कार्रवाई की जाने वाली थी, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 34 हो गई है। आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों को भी बाकी विभागों की तरह 31 मार्च तक संपत्ति का ब्योरा देने को कहा गया था।

विभाग के 635 अधिकारियों व कर्मचारियों में से 113 ऐसे अधिकारी ऐसे मिले, जिन्होंने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया। जब विभाग ने सख्त रुख अपनाया तो 79 अधिकारियों ने संपत्ति का ब्योरा पेश कर दिया। आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल के अनुसार शेष 34 अधिकारियों ने अभी तक ब्योरा नहीं दिया है।

बाकी सरकारी विभागों पर भी बढ़ेगा दबाव

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी प्रशासनिक सचिवों व विभागाध्यक्षों को निर्देश दे रखे हैैं कि संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सबसे अधिक निशाने पर आबकारी एवं कराधान विभाग है। आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की शुरुआत से बाकी विभागों पर भी अब दबाव बढऩा तय माना जा रहा है।

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By Kamlesh Bhatt