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हरियाणा में एक महीने में दलित उत्पीड़न की 300 शिकायतें, एससी आयोग ने दो DC और 4 SP से मांगा जवाब

Published: Thu, 17 Sep 2026 10:38 PM (IST)

हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग को एक माह में दलित उत्पीड़न की लगभग 300 शिकायतें मिली हैं। आयोग की चेयरपर्सन ...और पढ़ें

हरियाणा में दलित उत्पीड़न की 300 शिकायतें, एससी आयोग ने डीसी और एसपी से मांगा जवाब। फोटो- बंतो कटारिया।

हरियाणा में दलित उत्पीड़न की 300 शिकायतें, एससी आयोग ने डीसी और एसपी से मांगा जवाब। फोटो- बंतो कटारिया।

HighLights

  1. आयोग को एक माह में 300 दलित उत्पीड़न शिकायतें मिलीं

  2. बंतो कटारिया ने दो डीसी, चार एसपी से जवाब मांगा

  3. दलित उत्पीड़न रोकने को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा राज्य के अनुसूचित जाति आयोग के पास एक माह में दलित उत्पीड़न की करीब तीन सौ शिकायतें पहुंची हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अनुसूचित जाति आयोग की चेयरपर्सन बंतो कटारिया ने दो जिलों के डीसी और चार जिलों के पुलिस अधीक्षकों से जवाब मांगा है।

इन अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर अनुसूचित जाति आयोग के पास जवाब भेजने के निर्देश दिए गए हैं। चेयरपर्सन ने कहा कि राज्य में कहीं भी दलित उत्पीड़न की घटना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने जिला उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों को सख्ती बरतने तथा ऐसी घटनाओं पर संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

2024 में 1,020 मामले हुए थे दर्ज

राज्य में दलित उत्पीड़न की घटनाओं का मुद्दा विधानसभा में भी उठा था। मुलाना की कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी और रानियां के इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने सरकार से जवाब मांगा था।

सरकार ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया था कि वर्ष 2024 में राज्य में अनुसूचित जाति के लोगों के खिलाफ अत्याचार के कुल 1,020 मामले दर्ज किए गए हैं। सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया था कि अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के खिलाफ अत्याचार के मामलों में हरियाणा आठवें स्थान पर है।

सरकार ने दावा किया था कि देश में हरियाणा का 12वां स्थान है। चेयरपर्सन बंतो कटारिया ने बताया कि हरियाणा सरकार ने दलित उत्पीड़न के मामलों की लगातार निगरानी की व्यवस्था की है।

पुलिस मुख्यालय में एडीजीपी या आईजी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष एससी-एसटी प्रोटेक्शन सेल कार्यरत है। जिला स्तर पर त्वरित जांच के लिए डीएसपी-एसीपी स्तर के राजपत्रित अधिकारियों को समयबद्ध जांच के निर्देश दिए गए हैं।

समयबद्ध कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजें अधिकारी

चेयरपर्सन ने करनाल के एसई गीतू तंवर सुसाइड, कैथल में दो शिक्षकों के उत्पीड़न, यमुनानगर में चकबंदी के विवाद को लेकर झगड़े, कैथल में चौपाल निर्माण के विवाद से जुड़े केसों का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है।

बता दें कि गीतू तंवर से जुड़े सुसाइड नोट में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एक आईएएस अधिकारी, कई एक्सईएन और एसडीओ स्तर के कुल 12 अधिकारियों के नाम शामिल हैं। बंतो कटारिया ने कहा कि एससी आयोग गीतू तंवर के परिवार को न्याय दिलाएगा।