राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में पहली से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों को अभी आफलाइन पढ़ाई के लिए इंतजार करना पड़ेगा। कोरोना संक्रमण में लगातार गिरावट के बावजूद प्रदेश सरकार ने इन कक्षाओं के लिए सितंबर में स्कूल नहीं खोलने का निर्णय लिया है। सब कुछ ठीक रहा तो पहली अक्टूबर से सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा की आफलाइन पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।

हरियाणा में पहली सितंबर से चौथी और पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले जा चुके हैं। इससे पहले 23 जुलाई से छठी से आठवीं तथा 17 जुलाई से 9वीं और 12वीं के बच्चों के लिए स्कूल खोले गए थे। चूंकि मौजूदा समय में संक्रमण काफी हद तक कम हो चुका है, इसलिए शिक्षा अधिकारी पहली से तीसरी तक की कक्षाएं शुरू करने को लेकर मंथन में जुटे हुए थे। शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने कहा कि अभी पहली से तीसरी कक्षा तक के छात्रों के लिए स्कूल खोलना जल्दबाजी होगी। पहली अक्टूबर से इन कक्षाओं में नियमित पढ़ाई कराई जा सकेगी।

आइटीआइ में दाखिला लेने वाली नूंह जिले की लड़कियों को हर माह एक हजार रुपये

हरियाणा सरकार ने नूंह जिले में स्थित सभी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में दाखिला लेने वाली सभी छात्राओं को एक हजार रुपये मासिक की दर से प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह मंजूरी प्रदान की है। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि यह प्रोत्साहन राशि तभी दी जाएगी, यदि प्रत्येक तिमाही में छात्रा की हाजरी कम से कम 80 प्रतिशत हो और वह नूंह जिले की स्थाई निवासी हो। अंतिम तिमाही की राशि सभी विषयों में फाइनल परीक्षा देने के बाद ही दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि यह प्रोत्साहन राशि छात्रा को मिलने वाली अन्य छात्रवृतियों व लाभों के अतिरिक्त होगी और सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। योजना का खर्च मेवात विकास एजेंसी नूंह के फंड से किया जाएगा। यह योजना इस साल 13 सितंबर से लागू मानी जाएगी और अगले पांच सालों के लिए रहेगी।

योजना के बारे में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान फिरोजपुर झिरका, नगीना, नूंह, पिनगवां, पुन्हाना, तावडू और उझीना के अलावा राजकीय औद्योगिक संस्थान (महिला) फिरोजपुर झिरका और नूंह के प्रधानाचार्यों व ग्रुप इंस्ट्रक्टर इंचार्ज को निर्देश दिए गए हैं कि वे इसकी सूचना अपने संस्थान के नोटिस बोर्ड पर लगाएं और इसका अपने क्षेत्र में पूरा प्रचार-प्रसार करें ताकि सत्र 2021-22 में अधिक से अधिक लड़कियां औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में दाखिला ले सकें।

Edited By: Kamlesh Bhatt