जेएनएन, चंडीगढ़। रेहड़ी-फड़ी लगाकर अपना घर परिवार चलाने वालों के लिए अच्छी खबर है। शहरों में एक लाख रेहड़ी-फड़ी वालों को ठिये (सामान बेचने के लिए निर्धारित स्थान) मिलेंगे। इन लोगों को बैंकों के जरिये दस हजार रुपये तक का लोन बिना गारंटी के मिलेगा, जिसका सात फीसद ब्याज हरियाणा सरकार चुकाएगी। छोटे दुकानदारों को स्थानीय निकायों में पंजीकरण अवश्य कराना चाहिए, ताकि प्राकृतिक आपदा की दशा में दस लाख रुपये तक क्षतिपूूूूूूर्ति हो सके।

पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा और मुख्यमंत्री के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को लेकर छोटे दुकानदारों एवं रेहड़ी-पटरी पर सामान बेचने वालों की वर्चुअल बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि आज छोटी दुकानों पर आलू-प्याज मिले न मिले, लेकिन मास्क जरूर उपलब्ध है। यह आत्मनिर्भर भारत बनने की ओर कदम है।

बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री सुरेश भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला वर्ष गरीब कल्याण को समर्पित रहा। पहले भी जनधन खाते, उज्ज्वला योजना, घर-घर शौचालय, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, मुद्रा ऋण, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र जैसी अनेक योजनाएं गरीबों के लिए ही चलाई। प्रदेश महामंत्री एडवोकेट वेदपाल समेत सभी वक्ताओं ने आत्मनिर्भर भारत बनाने, चीनी समान का बहिष्कार करने तथा कोरोना महामारी से बचाव के लिए प्रयास करने का संकल्प लिया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में केंद्र व मनोहर लाल के नेतृत्व में हरियाणा सरकार समाज के हर वर्ग के हितों की रक्षा के लिए एतिहासिक कदम उठा रही हैं। कोरोना काल में गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखना है। 

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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