चंडीगढ़ [अनुराग अग्रवाल]। हरियाणा की Film policy के नतीजे आने शुरू हो गए हैैं। Film policy लांच होने के बाद करीब सवा साल के अंतराल में दो दर्जन फिल्म निर्माताओं ने राज्य में Film shoot करने की अनुमति सरकार से मांगी है। प्रदेश सरकार ने नियम और शर्तें पूरी करने वाले आधा दर्जन फिल्म निर्माताओं को मंजूरी प्रदान कर दी है। देश के कई बड़े निर्माता हरियाणा में Film shooting को बेकरार हैं और यहां की साइट्स का अवलोकन करने में लगे हैैं। 

हरियाणा सरकार ने 17 अक्टूबर 2018 को राज्य फिल्म नीति को मंजूरी प्रदान की थी। इस नीति के तहत सरकार ने हरियाणा की संस्कृति, सभ्यता और यहां के लोक-व्यवहार पर फिल्म बनाने वाले निर्माताओं को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फलक पर हरियाणा की संस्कृति व कलाकारों को प्रमोट करने वाले निर्माता-निर्देशकों को सब्सिडी के रूप में वित्तीय मदद प्रदान करने का भी प्रावधान है।

पंजाबी निर्माता-निर्देशक बीनू ढिल्लो द्वारा तैयार जख्मी ऐसी पहली फिल्म है, जो हरियाणा Film policy के तहत मार्केट में आ चुकी है। सात फरवरी को यह फिल्म कनाडा, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड समेत करीब 300 स्थानों पर प्रदर्शित हुई। हरियाणा में 117 स्थानों पर फिल्म के स्क्रीन प्ले हुए हैैं। नशे और धूम्रपान के विरुद्ध संदेश देने वाली इस फिल्मी की 95 फीसदी शूटिंग हरियाणा के अंबाला व पंचकूला में हुई है।

हरियाणा सरकार ने फिल्मों की शूटिंग के लिए राज्य में 40 स्थान चिन्हित किए हैैं। फिल्मों की शूटिंग के लिए तमाम मंजूरी आनलाइन मिलेगी। यदि मंजूरी में कहीं कोई व्यवधान है तो उसे साइट पर ही कारण के साथ डिस्प्ले किया जाएगा। Film shooting की मंजूरी के लिए ऑनलाइन सेंट्रल पोर्टल तैयार किया गया है। फिल्म जख्मी को इसी प्रक्रिया के तहत ही मंजूरी मिली और सब्सिडी के लिए आवेदन किया गया।

हरियाणा के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधीन तैयार Film policy के तहत प्रमोशन बोर्ड भी बनाया गया है। इस बोर्ड के चेयरमैन महेंद्रगढ़ जिले के मशहूर फिल्म निर्माता सतीश कौशिक हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक कार्यकारी और उच्चाधिकार समिति का भी गठन किया है।

मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल ओएसडी नीरज दफ्तुआर, मीडिया सलाहकार अमित आर्य और डीपीआर पीसी मीणा ने मुंबई जाकर सतीश कौशिक समेत कई फिल्मकारों से बातचीत करने के बाद इस फिल्म नीति को और सरल बनाया है। सीएम के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और निवर्तमान डीपीआर समीर पाल सरो ने भी फिल्म नीति के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।

डीपीआर पीसी मीणा के अनुसार पोर्टल पर फिल्म निर्माताओं के लिए हरियाणा में शूटिंग लोकेशन और हरियाणवी कलाकारों की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। फिल्म निर्माता निर्देशकों को मिलने वाली प्रोत्साहन (सब्सिडी) की राशि एक करोड़ से लेकर तीन करोड़ तक हो सकती है।

हरियाणा फिल्म नीति की खास बातें

  • हरियाणा फिल्म नीति में 'फिल्म' को उद्योग का दर्जा दिया गया है।
  • सात श्रेणियों में फिल्मों का वर्गीकरण होगा, जिसमें हरियाणवी, गैर-हरियाणवी, अंतरराष्ट्रीय, मेगा प्रोजेक्ट, शार्ट, डाक्यूमेंटरी या डैव्यू और प्रोत्साहन क्रेडिट फिल्म शामिल हैैं।
  • हरियाणवी फिल्मों के लिए कुल बजट का 50 प्रतिशत आवंटित किया जाएगा।
  • एक वर्ष में 12 फिल्मों से अधिक फिल्मों को वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी।
  • एक फिल्म को एक से अधिक वित्तीय लाभ नहीं दिया जाएगा।
  • सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए फिल्म महोत्सव होंगे।
  • तीन श्रेणियों उत्कृष्टता अवार्ड, बेस्ट फिल्म और स्पेशल अवार्ड दिए जाएंगे।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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