जागरण संवाददाता, पंचकूला : संत शिरोमणि गुरु रविदास की 643वीं जयंती के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन लघु सचिवालय के बैठक हॉल में किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने गुरु रविदास को श्रद्धांजलि देते हुए उनके चित्र पर पुष्पांजलि की और अपने-अपने उद्बोधन के द्वारा उनके जीवन पर प्रकाश डाला। उपायुक्त ने कहा कि संत रविदास भक्ति काल के एक महान संत थे, जिन्होंने समाज को जाति-पाति, छुआछूत और आडंबरों से दूर रहकर सरल, सहज और निष्पाप भाव से एक परमात्मा की भक्ति करने का संदेश दिया। उन्होंने बाह्य आवरणों के इस भेदभाव को कृत्रिम करार दिया और राम, कृष्ण, करीम, राघव आदि को एक ही परमेश्वर के विविध नाम बताया। उनका विश्वास था कि भगवान की भक्ति के लिए सदाचार, परहित-भावना तथा सदव्यवहार का पालन करना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संत रविदास का कहना था कि अपने नित्य कर्मो को निष्ठापूर्वक करते हुए सहज और सरल भाव से परमात्मा का भजन कर परमात्मा को प्राप्त करना ही मानव का उद्देश्य है। जाति-पाति और अन्य बाहरी भेदभावों को उन्होंने भक्ति में बाधक बताया। संत रविदास ने अभिमान शून्य रहकर बड़प्पन के भाव को त्याग कर विनम्रतापूर्वक आचरण करने के उपदेश दिए। विभिन्न पहलुओं पर डाला प्रकाश

कार्यक्रम में बनारसी दास, प्रवीण कुमार व वेद प्रकाश तथा रोशन लाल के द्वारा गुरु रविदास के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान मुख्य अतिथि मुकेश कुमार आहूजा ने सभी वक्ताओं एवं गणमान्य व्यक्तियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। जिला कल्याण अधिकारी शीश पाल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया । इस अवसर पर पंचकूला के एसडीएम धीरज चहल, कालका के एसडीएम राकेश संधू, नगराधीश सुशील कुमार, जिला राजस्व अधिकारी रामफल कटारिया, जिला विकास एंव पंचायत अधिकारी दमन सिंह सहित अनेकों अधिकारी उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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