जागरण संवाददाता, पंचकूला : चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने न्यू ब्रेंकर्स कोऑपरेटिव थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसायटी पंचकूला में दर्ज एफआइआर में एसीपी द्वारा दो आरोपितों राकेश शर्मा और कश्मीर सिंह को मामले से डिस्चार्ज करने की याचिका को खारिज कर दिया। एसीपी ने याचिका में कहा था कि राकेश शर्मा और कश्मीर सिंह पर मामले की दोबारा हुई जांच में आरोप साबित नहीं हो रहे हैं, इसलिए इन्हें मामले से डिस्चार्ज कर देना चाहिए। इसका तीसरे आरोपित कमलदीप सिंह के एडवोकेट दिनेश मेहता ने विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में सोसायटी का रिकॉर्ड पुलिस ने राकेश शर्मा और कश्मीर सिंह से बरामद दिखाया है और अन्य सुबूत भी इनके खिलाफ फाइल में संलग्न है, इसलिए इस याचिका को खारिज किया जाना चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सीजेएम ने एसीपी की राकेश शर्मा और कश्मीर सिंह को डिस्चार्ज करने की याचिका को खारिज कर दिया। सीजेएम कोर्ट एसीपी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट से भी संतुष्ट नजर नहीं आई। सीजेएम ने आरोप तय करने के लिए अगली तारीख 29 फरवरी तय की है।

क्या था मामला

वर्ष 2012 में न्यू ब्रेंकर्स कोऑपरेटिव थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसायटी पंचकूला के रिकॉर्ड अभिरक्षक कमलदीप सिंह के खिलाफ सोसायटी का रिकॉर्ड जमा न करवाने के लिए केस दर्ज करवाया था। इसके बाद रिमांड के दौरान कमलदीप सिंह ने पुलिस को बताया था कि राकेश शर्मा और कश्मीर सिंह ने उसके साथ मिलीभगत कर सारा रिकॉर्ड गबन कर दिया है। इसके बाद पुलिस ने राकेश शर्मा एवं कश्मीर सिंह को गिरफ्तार किया था और इनके रिमांड के दौरान दोनों की निशानदेही पर कुछ रिकॉर्ड जीएच 104डी सेक्टर-20 पंचकूला से बरामद किया था। दोनों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

कई दिनों बाद राकेश और कश्मीर सिंह को जमानत मिल गई थी। इस मामले राकेश शर्मा ने मामले की दोबारा जांच के लिए एप्लीकेशन पुलिस को दी थी, जिसके बाद एसीपी सतीश कुमार ने मामले की जांच की और राकेश और कश्मीर सिंह को मामले से डिस्चार्ज करवाने के लिए कोर्ट में याचिका लगा दी, लेकिन अब कोर्ट के फैसले के बाद दोनों आरोपितों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

Posted By: Jagran

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