राजेश मलकानियां, पंचकूला : नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा पंचकूला की सभी पार्किग को पेड करने की तैयारी कर ली है। तीन पार्किग में फ्री ट्रालय के बाद अब जिला बाल कल्याण परिषद के माध्यम से दोपहिया वाहन के पांच रुपये और चार पहिया वाहन के 10 रुपये वसूले जाएंगे। मासिक पास की भी व्यवस्था की जा रही है, जिसमें 100 रुपये और 200 रुपये वसूले जाएंगे। जिला बाल कल्याण परिषद के पास इकट्ठा होने वाला पैसा जाएगा। ट्रायल के तौर पर सेक्टर आठ, नौ और 10 में फ्री पार्किग व्यवस्था शुरू की गई थी। नगर निगम द्वारा पार्किग में एंट्री और एग्जिट बोर्ड लगाकर अपने कर्मचारी तैनात किए गए थे। जो दो या चार पहिया वाहन चालक को पर्ची काटकर दे रहे हैं और सही ढंग से वाहन पार्क करवा रहे हैं। निगम पर 15 लोगों के स्टाफ का अतिरिक्त आर्थिक बोझ था। पंचकूला में लगातार वाहनों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन पार्किग स्पेस कम होने के चलते वाहन सड़कों पर खड़े रहते हैं। जिन्हें पुलिस या तो उठाकर ले जाती है या फिर उन्हें क्लैंप लॉक लगाकर चली जाती है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। गौरतलब है कि शहर में गत वर्ष नगर निगम द्वारा दो दिन के लिए पेड पार्किग कर दी गई थी, जिसके बाद खूब हंगामा हुआ था। राजनीतिक दलों ने किया विरोध

राजनीतिक दलों ने नगर निगम के फैसले का विरोध किया, सड़कों पर आ गए थे। जिसके बाद निगम को यह फैसला वापिस लेना पड़ा था। दो दिन का ट्रायल केवल फीडबैक के लिए था। फीडबैक नगर निगम को मिल गई थी। नगर निगम की जिम्मेदारी है कि वह लोगों की फीडबैक के हिसाब से सुविधाएं दे। पेड पार्किग से पंचकूला को हर साल करोड़ों रुपये का रेवन्यू आना है, लेकिन किसी तरह के विवाद से बचने के लिए फिलहाल जिला बाल कल्याण परिषद को पेड पार्किग करने के लिए जिम्मेदारी दी जा रही है। जब पंचकूला में दो दिन में लगाई गई पेड पार्किग से एक लाख 63 हजार रुपये की आय हुई थी। ऐसे में मासिक आंकड़ा लगभग 50 से 60 लाख रुपये पहुंच जाएगा, अगर सभी पार्किग को पेड कर दिया गया। दो दिन लिया जाएगा ट्रैल

दो दिन के ट्रायल में पेड पार्किंग का फीडबैक के लिए लोगों को किस प्रकार दिक्कतें होंगी, जिस तरह की स्टाफ मैनेजमेंट, गाडि़यों की मैनेजमेंट करनी है, इन सभी बातों को जानने के लिए ट्रायल किया गया था। परंतु अब नियमित पेड पार्किग शुरू की जा रही है। पार्किग में आने वाली गाडि़यों को पार्किग पर्ची देकर पांच और 10 रुपये लिए जाएंगे। अभी फ्री में गाडि़यों को मार्क की गई जगह पर पार्क करवाया जाता है। दोपहिया वाहनों के लिए अलग से स्थान निर्धारित है। जिला उपायुक्त मुकेश आहूजा ने जिला बाल कल्याण अधिकारी भगत सिंह से कहा है कि वह जिला सचिवालय में कार्यरत ठेकेदार के माध्यम से ही शहर के अन्य तीन पार्किग में पेड पार्किंग का काम करवाए या फिर कोई अनुभवी ठेकेदार लगाया जाए। इन तीनों पार्किग से परिषद को मासिक 10 से 15 लाख रुपये आय का संभावना जताई जा रही है। पहले चरण में सेक्टर आठ, नौ और 10 में दो पहिया और चार पहिया वाहनों से पार्किग फीस ली जाएगी। चिह्नित जगह पर ही वाहनों को विनियमित करवाया जाएगा ताकि लोग अपने वाहनों को बेतरतीब ढंग से पार्क न करें। जब निगम द्वारा सेक्टर-सात, 11 और 20 में पार्किग हमें दी जाएगी, तो वहां से भी फीस ली जाएगी।

-भगत सिंह, जिला बाल कल्याण अधिकारी जिला उपायुक्त की ओर से नगर निगम को कहा गया था कि जिला बाल कल्याण परिषद को इन तीनों पार्किगों को पेड और नियमित करने का काम दे दिया जाए। अब उपायुक्त की ओर से पार्किग को पेड करने के संबंध में कार्रवाई की जा रही है। -सुमेधा कटारिया, प्रशासक, नगर निगम

Posted By: Jagran

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