चंडीगढ़, जेएनएन। हरियाणा के रोहतक जिले में स्थित सुनारियां जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सुरक्षा को लेकर जेलमंत्री रणजीत सिंह के बयान पर बवाल खड़ा हो गया। जेल में प्राकृतिक खेती की शुरुआत करने पहुंचे जेल मंत्री रणजीत चौटाला ने बयान दिया कि डेरा प्रमुख की जान को बब्बर खालसा और अकाली दल सरीखे संगठनों से खतरा है तो सियासत में भूचाल आ गया। इयके बाद रणजीत सिंह बैकफुट पर आ गए। उन्‍होंने कहा कि गुरमीत राम रहीम को कोई खतरा नहीं है। उन्‍होंने कहा कि उनकी जुबान फिसल गई थी। अकाली दल का नाम लिए जाने पर रणजीत ने कहा कि गलती से उनकी जुबान फिसल गई थी। अकाली दल संघर्षों और कुर्बानियों से पैदा पार्टी है।

विवाद बढऩे के बाद रणजीत चौटाला बोले, जेल में राम रहीम को नहीं कोई खतरा, जुबान फिसल गई थी

बता दें कि पंजाब में भाजपा व अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते हैैं। जेल मंत्री रणजीत चौटाला के इस बयान के बाद अकाली दल ने इस मामले को भाजपा हाईकमान के समक्ष पहुंचाया तो पड़ताल शुरू हो गई। भाजपा हाईकमान इस समय दिल्ली विधानसभा के चुनाव में व्यस्त है। दिल्ली में अकाली दल और भाजपा मिलकर चुनाव लड़ते रहे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में भाजपा को लगा कि अगर मामला नहीं सुलझा तो बड़ा नुकसान हो सकता है।

भाजपा हाईकमान के हस्तक्षेप के बाद बुधवार को ही जेल मंत्री रणजीत चौटाला अपने बयान से पलट गए। चौटाला सिरसा जिले की रानियां विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक हैैं। भाजपा ने उन्हें अपनी कैबिनेट में जेल व बिजली मंत्री बना रखा है। रणजीत चौटाला के बयान को कवर करने के लिए खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल को हस्तक्षेप करना पड़ा।

जेल मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक ने हरियाणा की जेलों को पूरी तरह से सुरक्षित करार देते हुए कहा कि राम रहीम पूरी तरह से सुरक्षित है और उसकी जान को कोई खतरा नहीं है। जेल मंत्री ने कहा कि रोहतक में कार्यक्रम के दौरान उनकी जुबान फिसल गई थी और गलती से अकाली दल का नाम लिया गया। अकाली दल कुर्बानियों से पैदा हुई पार्टी है। उन्होंने कहा कि राम रहीम सुनारिया जेल में पूरी तरह से सुरक्षित है और उसकी जेल बदलने की कोई योजना नहीं है।

जीरो बजट खेती कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ था राम रहीम

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के सहयोग से मंगलवार को सुनारियां जेल में जीरो बजट खेती कार्यक्रम की शुरूआत की गई थी। इस कार्यक्रम में सभी कैदी शामिल हुए लेकिन गुरमीत राम रहीम को इससे दूर रखा गया, जिसके बाद जेल मंत्री ने सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा था कि राम रहीम को बब्बर खालसा व अकाली दल से खतरा है। इसी के चलते उसे बाहर नहीं निकाला गया है। जेल मंत्री के इस बयान के बाद अकाली दल आक्रामक हो गया और भाजपा की घेराबंदी शुरू कर दी थी। अकाली नेताओं ने भाजपा हाईकमान पर इस बात के लिए दबाव बनाया कि हरियाणा के जेल मंत्री को यह साफ करना चाहिए कि जेल में बंद राम रहीम को किस अकाली दल से खतरा है।  

'हरियाणा में जेलों की सुरक्षा पूरी मजबूत

'' जेलों की सुरक्षा पूरी तरह से मजबूत है। हमारी पुलिस सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करती है। पड़ोसी राज्यों के जेलों के मुकाबले हरियाणा की जेल पूरी तरह से महफूज हैं। राम रहीम के जेल में रहते समय उनकी जान को खतरे के संबंध में कोई सूचना नहीं है। अन्य कैदियों की तरह ही राम रहीम है। उसे किसी तरह का अलग से ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा है। जेल मंत्री ने मीडिया में जो बयान दिया, वह उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है।

                                                                                                - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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