चंडीगढ़, जेएनएन। हरियाणा रोडवेज के उन यूनियन नेताओं की अब खैर नहीं जो हाई कोर्ट में अंडरटेकिंग देने के बावजूद हड़ताल पर चले गए थे। हाई कोर्ट इन नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू कर सकता है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि वह बताए कि क्या रोडवेज यूनियन नेताओं ने अंडरटेकिंग देकर इसके खिलाफ कार्य किया है या नहीं। वहीं रोडवेज नेताओं से अवमानना याचिका पर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

हाई कोर्ट में सरकार की तरफ से परिवहन निदेशक का पत्र सौंपा गया। इसमें बताया गया कि हड़ताल के कारण जिन कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की गई थी उसे वापस लिया जा रहा है। वहीं जिन हड़ताली कर्मचारियों के विरूद्घ एस्मा के तहत कार्रवाई चल रही है उसे वापस लेने के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। जो कर्मचारी हड़ताल के दिनों में अनुपस्थित थे उनको सशर्त देय अवकाश में बदला जा रहा है। हड़ताल में शामिल 92 कर्मचारी जिनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थी उनकी सेवा समाप्ति के आदेश भी वापस लिए जा रहे हैं।

इस पर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। इससे कर्मचारियों के लिए राहत की खबर तो आई लेकिन तभी अवमानना याचिका को कोर्ट के समक्ष रखा गया। कोर्ट को बताया गया कि रोडवेज यूनियन नेेताओं ने हाई कोर्ट में हड़ताल पर न जाने की अंडरटेकिंग दी थी फिर भी हड़ताल पर चले गए थे।

इस पर हाई कोर्ट ने कहा कि अंडरटेकिंग देकर इसके खिलाफ जाने वाले रोडवेज नेताओं को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। हाई कोर्ट ने अब हरियाणा सरकार से एस्मा के तहत दर्ज इन नेताओं के मामले में हुई जांच की रिपोर्ट तलब कर ली है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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