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हरियाणा में अब तक काम पर लौटे 1000 सफाईकर्मी, 3 दिन में 73 बर्खास्त; 13 हजार कर्मियों को पक्का करने की मांग पर अड़े

Published: Wed, 09 Sep 2026 07:32 PM (GMT+05:30)

हरियाणा में सफाई और सीवर कर्मचारियों की हड़ताल 13 सितंबर तक बढ़ा दी गई है, जिसमें अब तक 73 कर्मचारी ...और पढ़ें

हरियाणा में अब तक काम पर लौटे 1000 सफाईकर्मी। फोटो जागरण

हरियाणा में अब तक काम पर लौटे 1000 सफाईकर्मी। फोटो जागरण

HighLights

  1. हरियाणा में सफाई कर्मियों की हड़ताल 13 सितंबर तक बढ़ी।

  2. तीन दिनों में 73 कर्मचारी बर्खास्त, 10 निलंबित किए गए।

  3. लगभग एक हजार कर्मचारी काम पर लौट चुके हैं।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में सफाई और सीवर कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच टकराव कम नहीं हो रहा है। शहरी निकाय विभाग ने बुधवार को फतेहाबाद के नौ और हिसार के एक कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया।

इसके साथ ही पिछले तीन दिनों में कार्रवाई की संख्या 73 बर्खास्त और 10 निलंबित कर्मचारियों तक पहुंच गई है। हालांकि सरकार की सख्ती के बीच करीब एक हजार कर्मचारी काम पर लौट चुके हैं। बुधवार को 473 कर्मचारियों के काम पर लौटने की रिपोर्ट शहरी निकाय निदेशालय को मिली है।

दूसरी ओर, नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने हड़ताल को 13 सितंबर तक बढ़ा दिया है। कर्मचारियों का मुख्य विवाद करीब 13 हजार सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर है। सरकार कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाएं देने की बात कह रही है, जबकि यूनियन नियमितीकरण पर अड़ी है।

एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता

हड़ताल के दौरान प्रदेश के सभी 87 शहरों में शोक सभाएं आयोजित कर कुरुक्षेत्र के सफाई कर्मचारी रोहित और करनाल के सफाई कर्मचारी कुलदीप को श्रद्धांजलि दी गई। कर्मचारी नेताओं ने दोनों की मौत के लिए कथित सरकारी उत्पीड़न और पुलिस कार्रवाई को जिम्मेदार बताते हुए आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग की।

कर्मचारी संगठनों ने 10, 11 और 12 सितंबर को शहरों में जन न्याय पंचायतें आयोजित करने और 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय जन न्याय पंचायत करने का निर्णय लिया है। नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने कहा कि 13 मई को सरकार और यूनियनों के बीच हुए समझौते में स्वीकार की गई 17 मांगों के आदेश और पत्र जारी होने के बाद ही हड़ताल पर कोई फैसला होगा।

यूनियन ठेका प्रथा समाप्त करने, सफाई और सीवर कर्मचारियों की नियमित भर्ती तथा पालिका रोल और अग्निशमन विभाग के अनुबंधित ड्राइवरों व फायरमैन को नियमित करने की मांग पर कायम है।