संवाद सहयोगी, पलवल: निजी स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों को बिना कोई सुविधा दिए फीस में बढ़ोतरी कर दी जाती है। नए सत्र में मनमर्जी से निजी स्कूल संचालक फीस बढ़ा नहीं सकेंगे। निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग में आवेदन करना होगा। स्कूल संचालक अगर शिक्षा के नए सत्र में फीस की बढ़ोतरी करते हैं तो उन्हें इसकी जानकारी 30 दिसंबर से पहले देनी होगी। इसी के साथ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मूल कॉपी जमा करवाई होगी।

ऑनलाइन भरना होगा फार्म :

स्कूल में शिक्षा के नए सत्र में क्या सुविधा दी जाएगी, इसकी निजी स्कूल को फीस बढ़ाने की जानकारी शिक्षा विभाग को ऑनलाइन देनी होगी। इसमें उन्हें बाकायदा यह भी बताना होगा कि आखिर क्यों उन्हें फीस बढ़ानी पड़ रही है। पिछले वर्ष कितनी फीस ली जा रही थी। अब कितनी फीस बढ़ाई गई है। स्कूल में प्राथमिक स्तर, मिडिल स्तर, उच्च स्तर व वरिष्ठ माध्यमिक पर क्या फीस ली जा रही है। निजी स्कूलों में फीस तभी बढ़ाई जा सकती है, जब स्कूल में छात्रों को सुविधा देने के लिए नया प्रावधान किया हो। ऐसी सुविधा का पूरा ब्योरा देना भी जरूरी होता है। इसके लिए फार्म भरकर ऑनलाइन करना होगा। शिक्षा विभाग को यह जानकारी दिसंबर माह में ही दे देनी होगी।

डिसप्ले बोर्ड पर देना होगा ब्योरा :

शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों में फीस बढ़ाने के लिए पूरी जानकारी डिसप्ले बोर्ड पर देना भी जरूरी कर दिया है। इससे जब शिक्षा विभाग के अधिकारी निरीक्षण करेंगे तो स्कूल में ली जा रही फीस के बारे में जानकारी मिलती रहेगी। वहीं निजी स्कूलों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को फीस की रसीद देना जरूरी है। इस बारे में अभिभावक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का शिकायत कर सकते हैं।

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निजी स्कूल को फीस बढ़ाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद कार्यालय में कॉपी जमा करवानी होगी। अगर कोई स्कूल संचालक फार्म नहीं भरता है तो अगले सत्र में फीस बढ़ाने पर ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

-अनिल शर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी

Posted By: Jagran

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