संजीव मंगला, पलवल

नगर परिषद पलवल अब ठोस कूड़ा निस्तारण के क्षेत्र में जैविक खाद तैयार करने, आवारा पशुओं को पकड़ने तथा खुली नालियों की बजाय पाइपलाइनों से पानी निकासी का प्रबंध करने पर विचार कर रही है। इसके लिए उन नगर परिषदों के कामकाज का निरीक्षण किया जाएगा, जो पहले से ही इन मुद्दों पर काम कर रही हैं। इन नगर परिषदों को कामकाज का अध्ययन करने के लिए शहर के पार्षद, गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, रेजिडेंट वैलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि तथा समाज कल्याण संस्थाओं के लोग 13 सितंबर को जींद, गोहाना तथा घरौंडा जाएंगे। नगर परिषद की प्रधान इंदू शर्मा ने प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है।

जींद नगर परिषद ठोस कूड़ा प्रबंधन, जीरो वेस्ट रिसाइकि¨लग तथा जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया अपनाए हुए है। इसी तरह नगर परिषद गोहाना द्वारा खुले में नाली न बनाकर पाइप के जरिये पानी की निकासी का प्रबंध किया गया है। इसी तरह नगर परिषद घरौंडा आवारा पशुओं को पकड़ने की पद्धति अपनाई हुई है। जो लोग इन नगर परिषदों के कार्यकलापों का अध्ययन करेंगे, यदि उन्हें इन परिषदों का इन मुद्दों पर कामकाज पसंद आया, तो पलवल नगर परिषद द्वारा भी इन्हें लागू किया जाएगा।

नगर परिषदों व पालिकाओं द्वारा उक्त पद्धतियों को अपनाए जाने पर उन्हें राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर प्रोत्साहन मिल रहा है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में 31 अगस्त को हुई बैठक में इन पद्धतियों को अपनाने के बारे में कहा गया था। इन पद्धतियों को अपनाने से नगर परिषद क्षेत्र में सुधार होगा। ध्यान रहे कि पंजाब की कई नगर परिषदों से पार्षद भी इन नगर परिषदों के कामकाज को देखने के लिए आए हैं। जींद में नगर परिषद द्वारा बनाए गए सेनिटेशन पार्क में शहर भर से इकट्ठे किए गए सूखे व गीले कचरे को अलग-अलग किया जाता है। फिर इस कचरे को जालीनुमा पिटों में डाला जाता है। जब इन पिटों को खोला जाता है, तो इनमें जैविक खाद बनकर तैयार मिलती है। इसमें किसी प्रकार की रसायन का इस्तेमाल नहीं किया जाता। जो दल नगर परिषदों का अध्ययन करने जाएगा, उसकी सूची तैयार कर ली गई है। दल सुबह छह बजे नगर परिषद कार्यालय से रवाना होगा। यदि कामकाज पसंद आया तो पलवल में भी इन पद्धतियों को लागू किया जाएगा।

-इंदू शर्मा, चेयरपर्सन, नगर परिषद पलवल

Posted By: Jagran