संवाद सहयोगी, होडल : कृषि विशेषज्ञ डॉ.महावीर ¨सह मलिक ने कहा है कि लगातार सघन फसल चक्र अपनाने और कार्बनिक खादों को न डालने के कारण भूमि में पोषक तत्वों जैसे कैल्शियम, मैगनीज, ¨जक, आयरन, गंधक आदि की कमी हो गई है। इसलिए किसान भूमि में कार्बनिक खादों के अलावा ¨जक सल्फेट और लौह व मगनीज का 0.5 प्रतिशत छिड़काव करें।

डॉ.मलिक बुधवार को लघु सचिवालय में आयोजित किसान प्रशिक्षण शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिले की 60 प्रतिशत भूमियों में पोटाश तत्व की भी कमी पाई गई है, इसलिए खरीफ फसलों की बिजाई के दौरान ही 25 किलो पोटाश प्रति एकड़ डालें। खंड तकनीकी अधिकारी रामदेव ने कहा कि चारे वाली जई की हरियाणा जई-114 व आठ किस्म का चयन करें। कृषि विभाग द्वारा जई के बीज पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान भी दिया जा रहा है। किसान विभाग से परमिट बनवाकर अनुदान पर बीज ले सकते हैं।

खंड तकनीकी सहायक धीरेंद्र व घनश्याम ¨सह ने बताया कि जिप्सम भी 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि किसान गेहूं की अगेती किस्मों डब्ल्यूएच-1105 व पीबी डब्ल्यू 550 किस्म की बिजाई 25 नवंबर तक पूरा कर लें। इस मौके पर अशोक, विरेंद्र, भिकमी राम, हरी ¨सह, पूरनलाल, दयाराम, नीतिश, लियाकत, जाकिर, ओमप्रकाश, बिजेंद्र ¨सह, ताराचंद, राजेंद्र, परमा नंबरदार, दुलीचंद, प्रेम व रतन ¨सह मुख्य रूप से मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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