जेवर एयरपोर्ट का बदलेगा नाम? पलवल से उठी मांग की चर्चा तेज; किस नाम का दिया सुझाव
पलवल में आर्य समाज के वार्षिक महोत्सव के दौरान जेवर एयरपोर्ट का नाम महर्षि दयानंद के नाम पर रखने की ...और पढ़ें

नोएडा एयरपोर्ट।
HighLights
जेवर एयरपोर्ट का नाम महर्षि दयानंद के नाम पर रखने की मांग उठी।
पलवल में आर्य समाज के तत्वावधान में वेद कथा महोत्सव शुरू हुआ।
वेद को राष्ट्रीय धर्म ग्रंथ घोषित करने की मांग का समर्थन हुआ।
जागरण संवाददाता, पलवल। पातली गेट स्थित दयानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आर्य समाज पलवल शहर के तत्वावधान में चार दिवसीय वार्षिक महोत्सव एवं वेद कथा का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. राकेश कुमार आर्य ने जेवर एयरपोर्ट का नामकरण महर्षि दयानंद जी के नाम पर करने की पुरजोर मांग की।
उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का नाम महर्षि दयानंद के नाम होने से संपूर्ण भारत को गौरवबोध होगा, क्योंकि स्वामी जी ने ही देशवासियों को आर्यावर्त और आर्य संस्कृति के मूल तत्वबोध से पुनः परिचित कराया था, जिससे राष्ट्रीय जागरण हुआ और देश को स्वाधीनता मिली।

डॉ. राकेश आर्य ने कहा कि इतिहास की गलत व्याख्या होने के कारण हम अपनी वास्तविक पहचान से वंचित रहे हैं। मेगास्थनीज की इंडिका से स्पष्ट है कि ईसाई मत से पहले भी भारत को इंडिया कहा जाता था और इस्लाम के आगमन से हजारों वर्ष पूर्व यह हिंद या हिंदुस्तान कहलाता था।
इतिहास की सही व्याख्या की जाए
वहीं, अब समय आ गया है कि इतिहास की सही व्याख्या की जाए और महर्षि दयानंद जैसे राष्ट्र-निर्माता महापुरुषों को उचित सम्मान दिया जाए। इस दौरान उपस्थित सभी गणमान्य लोगों ने डॉ. आर्य के उस प्रस्ताव का समर्थन किया, जिसमें केंद्र सरकार से वेद को राष्ट्रीय धर्म ग्रंथ और मनुस्मृति को संसार के सभी संविधानों की आदर्श पुस्तक घोषित करने की मांग की गई है।
तीन दिवसीय इस वेद कथा महोत्सव का शुभारंभ सुबह गायत्री महायज्ञ के साथ हुआ। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य प्रमोद शास्त्री एवं ओमप्रकाश शास्त्री रहे। ऐबल कन्या गुरुकुल बहरौला की छात्राओं द्वारा वेदमंत्रों का सस्वर पाठ किया गया। इसके पश्चात प्रसिद्ध भजन उपदेशक पंडित नरेश दत्त शर्मा ने वेदों पर आधारित प्रेरणादायक प्रवचन एवं भजनों की प्रस्तुति दी।
उद्घाटन एवं ध्वजारोहण सत्र के मुख्य अतिथि आर्य जगत के सुप्रसिद्ध भामाशाह ठाकुर विक्रम सिंह रहे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में आर्य समाज द्वारा नई क्रांति लाने की बात कही।
उन्होंने बच्चों में गिरते नैतिक संस्कारों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अध्यापकों और अभिभावकों को मिलकर बालकों के चरित्र निर्माण व उत्तम स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम का सफल संचालन यशपाल मंगला ने किया।
आयोजन के मुख्य यजमान डॉ. धर्म प्रकाश आर्य, शीला आर्या, दिनेश मंगला, पूनम मंगला, अशोक गर्ग व कमलेश गर्ग रहे। इस अवसर पर शहर अध्यक्ष यशवीर आर्य, मंत्री अजय भाटी, केंद्रीय सभा के अध्यक्ष जयप्रकाश आर्य, मंत्री राजेश मंगला सहित अनेक गणमान्य लोग एवं ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
