संवाद सहयोगी, पलवल: युवा सेवा समिति के तत्वावधान में गांव दीघोट में दलहनी फसलों में कीट व रोगों की रोकथाम विषय को लेकर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता युवा कृषक जयराम तंवर ने की तथा संचालन सुरेंद्र बड़गूजर ने किया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए कृषि विशेषज्ञ डॉ.महावीर ¨सह मलिक ने कहा कि मूंग, उड़द व अरहर आदि दलहनी फसलों में पत्तों का धब्बा रोग, पीला मोजेक तथा फली छेदक कीट का प्रकोप होने लगा है। इसलिए समय रहते इनका नियंत्रण जरूरी है।

उन्होंने कहा कि मूंग व उड़द में पत्तियों में भूरे लाल रंग के धब्बे दिखाई पड़ें तो रोग की रोकथाम के लिए 600 ग्राम ब्लाइट्रोक्स धु.पा. प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। पीला मोजेक के रोकथाम के लिए 400 ग्राम मैलाथियान 50 ई.सी. को 250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें। बालों वाली सुंडी की रोकथाम के लिए लाइट ट्रेप का उपयोग करें।

उन्होंने कहा कि बड़ी सुंडियों की रोकथाम के लिए 200 मि.ली. न्यूवान 76 ई.सी. दवा 250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव कर दें। अरहर में फली छेदक की रोकथाम के लिए 75 मि.ली. साइपरमैथरीन 25 ई.सी. 300 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। इस मौके पर रणवीर, संदीप, मुकेश, रोहताश, पंकज, मनोज, हरी मुरारी, राजेंद्र, योगेश, देवेंद्र, बहादुर, हेमराज, परसी, सुखवीर, किसन, राजवीर, प्रसादी मुख्य रूप से मौजूद थे।

Posted By: Jagran