कुलवीर चौहान, पलवल

हरियाणा सरकार ने प्रदेशभर में अवैध कालोनियों के नियमितीकरण के लिए पालिसी बनाई है। इसमें पहली बार शहरी सीमा से बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में पनपी अवैध कालोनियों को भी नियमित करने की व्यवस्था की गई है। इसी कड़ी में जिले में विकसित हो चुकी ऐसी 350 अवैध कालोनियों को नियमित किया जाएगा। ऐसा होने से जिले के लाखों लोगों को फायदा होगा। वैध होने के बाद इन कालोनियों के निवासियों को कई तरह की सुविधाएं मिल सकेंगी।

बता दें कि गत दिनों प्रदेश सरकार ने अवैध कालोनियों का निजी एजेंसी के जरिए ड्रोन सर्वे कराया था। ड्रोन सर्वे में जिले में करीब 350 अवैध कालोनियां ग्रामीण क्षेत्रों में मिली थीं। वहीं 100 अवैध कालोनियां शहरी सीमा के अंदर मिली थीं। सर्वे के बाद अवैध कालोनियों को वैध करने के लिए बीती 19 जुलाई को अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

छह महीने में करना होगा आवेदन:

कालोनियों को वैध करने के लिए अधिसूचना के छह महीने के अंदर डेवलपर्स, जमीन मालिक, आरडब्ल्यूए को आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ कालोनी का लेआउट प्लान व मलकियत से संबंधित राजस्व दस्तावेज देने होंगे। इन आवेदनों की जांच करने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया गया। डीसी की अध्यक्षता में वह कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी में जिला नगर योजनाकार, जिला विकास पंचायत अधिकारी, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। इस कमेटी की अनुशंसा पर अवैध कालोनियों में बुनियादी सुविधाएं देने व इन्हें नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आवेदकों द्वारा कालोनियों को नियमित करने के लिए बिल्ट अप एरिया के लिए कलेक्टर रेट का पांच प्रतिशत और खुले क्षेत्रों के लिए 10 प्रतिशत की दर से विकास शुल्क जमा करवाने के बाद कालोनियों को नियमित किया जाएगा।

चार श्रेणियों में होगी नियमितीकरण की प्रक्रिया:

नई पालिसी में चार श्रेणी बनाई गई हैं। पहली श्रेणी में वह अवैध कालोनियां शामिल की गई हैं, जिनके कुल क्षेत्रफल का 25 प्रतिशत से कम क्षेत्र विकसित हुआ है। इसी तरह से दूसरी श्रेणी 25 से 50 प्रतिशत, तीसरी श्रेणी 50 से 75 प्रतिशत और चौथी श्रेणी 75 प्रतिशत या उससे अधिक भाग विकसित होने वाली बनाई गई हैं। इन कालोनियों में बिजली, पानी, सीवर, पार्क और चौड़ी सड़क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

एक जुलाई 2022 के बाद नई कालोनी नहीं बनेगी:

नई पालिसी में सिर्फ उन्हीं अवैध कालोनियों के नियमितीकरण की व्यवस्था है, जो एक जुलाई से पहले स्थापित हुई हैं। एक जुलाई के बाद किसी भी अवैध कालोनी पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।

जिले की अवैध कालोनियों को नियमित करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसकी अधिसूचना 19 जुलाई को जारी की गई है। इस अधिसूचना के छह महीने के अंदर अवैध कालोनियों के डेवलपर्स, जमीन मालिक और आरडब्ल्यूए को आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ कालोनी का लेआउट प्लान व मलकियत से संबंधित राजस्व दस्तावेज संलग्न करने होंगे। जिले में शहरी सीमा से बाहर 350 ऐसी कालोनियों हैं, जो अवैध हैं।

- देवेंद्र पाल सिंह, जिला नगर योजनाकार, पलवल

Edited By: Jagran