कुलवीर चौहान, पलवल:

रसूलपुर फाटक पर बनाए जा रहे रेलवे पुल का निर्माण कार्य ढाई वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। पुल के बन जाने से बैंसलात समेत अन्य गांवों के तकरीबन एक लाख से ज्यादा लोगों को पलवल आने जाने में सहूलियत मिलेगी। वर्ष 2018 अक्टूबर में जब इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ तो कहा गया था कि यह 18 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा। दावों से इतर 33 माह बीत जाने के बाद भी पुल का निर्माण कार्य 50 फीसद भी पूरा नहीं हो पाया है। निमार्ण करीब एक साल से ठंडे बस्ते में है।

इसके निर्माण कार्य में हो रही देरी से राहगीरों को भारी परेशानियों हो रही है। लोगों को पलवल से आवागमन के लिए कई किलोमीटर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्हें कुसलीपुर होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। कुसलीपुर से जाने वाला रास्ता काफी लंबा और जर्जर हालत में है। लोग मांग कर रहे हैं कि पुल के निर्माण कार्य के पूरा होने तक इस पुल के पास ही एक अस्थाई फाटक बनाया जाए। इस मामले में अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई लेकिन, उन्होंने फोन नहीं उठाया। इन गांवों को मिलेगा फायदा

पुल के बन जाने से होसंगाबाद, रसूलपुर, बडोली, अच्छेजा, कुशक, बाडका, खटका, अमरौली, सुलतापुर, रहीमपुर, लोहागढ़, लुलवाड़ी, भवाना, टप्पा बिलोचपुर, सतुआ गढ़ी, माहौली, बाता, लुलवाड़ी, कमरावली, करीमपुर, बाता, मीसा, हसनपुर कस्बा समेत दर्जनों गांवों के लोगों को फायदा होगा। हमने बार-बार पुल के जल्द निर्माण की गुहार लगाई। लेकिन, कार्य लगातार अटका हुआ है। हमारी प्रशासन से मांग है कि जब तक इस पुल का निर्माण पूरा न हो, तब तक रसूलपुर फाटक के पास ही एक अस्थाई फाटक बनाया जाए

- हरित बैंसला, अध्यक्ष, आदर्श समिति बडोली अब हमें पलवल से आवागमन के लिए कुसलीपुर होते हुए जाना पड़ता है। यह रास्ता काफी लंबा और इसमें बड़े-बड़े गड्डे हैं। प्रशासन तुंरत पुल का कार्य तेजी से करे।

- सतपाल कमरवाली, निवासी, गांव कमरावली पुल का शिलान्यास करते वक्त जल्द निर्माण के बड़े बड़े दावे किए गए थे। लेकिन, इसका निर्माण कार्य काफी समय से बंद है। कभी-कभी यहां पर मजदूर पहुंचते हैं, वह भी सिर्फ दिखावे के लिए।

- पंकज सैनी, निवासी, पलवल रसूलपुर फाटक के समीप ही हमारी दुकान है। लेकिन, पुल का निर्माण अटका होने से हमारे काम धंधे बंद हैं। प्रशासनिक अधिकारी इस समस्या का समाधान करने को तैयार नहीं हैं।

- मंजीत भड़ाना, दुकानदार

Edited By: Jagran