कुलवीर चौहान, पलवल:

शहर से लगभग 40 गांवों को जोड़ने वाले अलावलपुर रेलवे पुल की लाइटें रखरखाव ना होने चलते पिछले कई वर्षों से खराब पड़ी हुई हैं। इसके चलते रात के समय वाहन चालकों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों की ओर से कई बार इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों से भी की गई। इसके बावजूद आज तक समाधान नहीं हो पाया है। पुल की लाइटों को ठीक कराने की मांग को लेकर सामाजिक संगठनों की ओर से कैंडल मार्च भी निकाला गया।

इस पुल को बने हुए छह वर्ष हो चुके हैं। उद्घाटन के बाद कुछ ही दिन इस पुल पर लगी लाइटों ने काम किया और फिर खराब होकर बंद हो गईं, जिस कारण रात होते ही यह पुल अंधेरे में डूबा रहता है। यहां से होकर गुजरने वाले राहगीर असुरक्षित महसूस करते हैं। रात के समय राहगीरों के साथ अक्सर लूटपाट की वारदात भी सामने आती रहती हैं। साथ ही अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व भी सक्रिय हो जाते हैं तथा आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशान करते हैं। मैं इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों, जिला उपायुक्त व एसडीएम से मिल चुका हूं। लेकिन, अभी तक लाइटें चालू नहीं हुई हैं। कोई सुनने वाला नहीं है।

- खेमराज डागर, निवासी, अलावलपुर लाइटों को ठीक कराने की मांग को लेकर अधिकारियों से लेकर नेताओं तक से शिकायत कर चुके हैं। लाइटों को जल्द ठीक कराया जाए।

- लाल सिंह तेवतिया, अध्यक्ष, नव युवा समाज सेवा समिति लाइटें चालू करवाने के लिए हमने कैंडल मार्च किया, तब जाकर लाईटें चालू की गईं थीं, लेकिन एक महीने बाद फिर से खराब हो गई और आज तक किसी का ध्यान इनकी तरफ नहीं गया।

- प्रवेश तेवतिया, निवासी, नया गांव अंधेरे का फायदा उठाकर शरारती तत्व राहगीरों से छीनाझपटी करते हैं, पुल की लंबाई एक किलोमीटर है और पुल के कर्वदार बने होने के कारण अंधेरे में यात्रा करना ज्यादा खतरनाक होता है।

- तरुण पाठक, निवासी, पलवल

Edited By: Jagran