पलवल, जागरण संवाददाता। जिला अदालत पलवल ने सोमवार को पहली बार किसी मामले में किसी दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश व महिला विरुद्ध अपराधों की अदालत की प्रभारी न्यायाधीश करुणा शर्मा ने पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या के दोषी 28 वर्षीय वीरेंद्र उर्फ भोला को फांसी की सजा का एलान किया है। अदालत ने दोषी भोला की मां कमला को साजिश रचने और शव को खुर्दबुर्द करने का दोषी करार देते हुए सात वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक माह की सजा बढ़ जाएगी।

गदपुरी थाना क्षेत्र के एक गांव में 31 मई 2018 को पांच वर्षीय बच्ची अचानक लापता हो गई थी। एक टेंट हाउस के बाहर सीसीटीवी की फुटेज जांची गई तो उसमें भोला बच्ची को साथ ले जाता दिखा। सरपंच की अगुवाई में पुलिस की टीम व ग्रामीणों ने दोषी के घर तलाशी के दौरान बच्ची का शव आटे के ड्रम से बरामद हुआ, जिसकी चाकू से गोदकर हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची की हत्या से पहले दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई।

पुलिस ने दोषी भोला व कमला के खिलाफ अपहरण, पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म, हत्या, शव को खुर्दबुर्द करने का प्रयास और साजिश रचने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। भोला तभी से न्यायिक हिरासत में था जबकि कमला को अदालत से जमानत मिल गई थी। शुक्रवार को न्यायाधीश करुणा शर्मा ने दोनों को दोषी करार देते हुए कमला को भी हिरासत में लेने के आदेश दिए थे।

सोमवार को अपह्रान कोर्ट में बहस के दौरान पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता राजेश सिंह रावत ने इसे क्रूरतम अपराध बताते हुए दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। न्यायाधीश कहा कि इस प्रकार के अपराध में सख्त सजा दिया जाना जरूरी है, ताकि समाज के सामने उदाहरण पेश किया जा सके।

साजिश रचने व बच्ची के शव को खुर्दबुर्द करने के आरोप में दोषी की मां को सात साल की कैद, 10 हजार रुपये आर्थिक दंड की भी सजा सुनाई

नरेंद्र बिजारनियां (एसपी, पलवल) के मुताबिक, बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म व हत्या के मामले में पैरवी करने वाले व गवाही करवाने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को नकद इनाम और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

 

Posted By: JP Yadav

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