संजीव मंगला, पलवल

केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बिरेंद्र ¨सह ने कहा है कि वे हरियाणा का अलग हाई कोर्ट प्रदेश के ही किसी भी शहर में बनाए जाने के पक्ष में हैं। ऐसा करने से चंडीगढ़ से हरियाणा का क्लेम समाप्त नहीं हो जाएगा। ऐसा कहने वालों को इस बात से ऊपर उठ कर हरियाणा के हित देखने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हरियाणा का अलग से हाई कोर्ट बन जाता है, तो प्रदेश भर से करीब 200 वकील वहां प्रैक्टिस करने जाएंगे तथा हरियाणा के कोटे से ज्यादा जज बनेंगे।

बृहस्पतिवार को जागरण से बातचीत में उन्होंने कहा कि अलग हाई कोर्ट बनने से यह भी फायदा होगा कि करीब 300 फर्में हरियाणा में करीब तीन हजार वकीलों को कानूनी कार्य करने के लिए रोजगार प्रदान करेंगी। उनके अनुसार पूर्व कानूनी मंत्री हंसराज भारद्वाज भी हरियाणा का अलग हाई कोर्ट बनाने के पक्ष में थे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र ¨सह हुड्डा व खुद उनके सामने यह विचार व्यक्त किया था। उन्होंने उदाहरण दिया कि उत्तर प्रदेश का हाई कोर्ट भी लखनऊ में न होकर इलाहाबाद में है।

केंद्रीय इस्पात मंत्री ने कहा कि सतलुज-यमुना ¨लक नहर को लेकर कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। हरियाणा को पानी देने के लिए हिमाचल में दो बांधों लखवाड़ा व सिकाऊ का निर्माण किया जाना था, जोकि आज तक नहीं किया गया है। इन बांधों को बनाने की बेहद जरूरत है। इन बांधों के बन जाने के बाद हरियाणा को साढे छह हजार क्यूसिक पानी मिलेगा तथा यमुना का गंदगी से भी छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने दावा किया कि गंगा तभी शुद्ध होगी जब यमुना शुद्ध हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि हरियाणा केंद्रीय अनाज भंडारण में 16 प्रतिशत भागीदारी दर्ज करवा रहा है। इसी प्रकार देश की सुरक्षा में तैनात सेना के जवान भी इसी प्रदेश से अधिक हैं तथा सीमाओं पर शहीद होने वाले जवान भी इसी प्रदेश से अधिक हैं। प्रदेश के खिलाड़ियों ने अनेक बार अंतर राष्ट्रीय स्तर तक देश-प्रदेश का मान-सम्मान बढ़ाया है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस, राजगोपालाचार्य व लाला लाजपतराय जैसे देशभक्तों ने देश व समाज निर्माण के लिए अहम योगदान दिया था।

By Jagran