संवाद सहयोगी, हथीन: गांव भीमसीका में एक डेयरी पर नकली पनीर मिलने की सूचना पर 22 अक्टूबर को छापा मारने गई पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में चार आरोपितों को बुधवार की शाम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन्हे बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पकड़े गए आरोपितों ने वकील के माध्यम से अदालत में अर्जी लगाकर उन्हें अमानवीय यातनाएं देने तथा गलत मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। अदालत ने पुलिस से दो नवंबर तक जवाब मांगा है।

बता दें कि 22 अक्टूबर को सीएम फ्लाइंग ने भीमसीका गांव में छापे की कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान डेयरी संचालक और पुलिस के बीच कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि डेयरी संचालकों ने पुलिस कर्मचारी के साथ मारपीट की। पुलिस ने इस मामले में 14 नामजद सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उटावड थाना पुलिस ने छापे की कार्रवाई कर भीमसीका के बस अड्डे से भीमसीका निवासी मुरसलीम, अजरूद्धीन, इकबाल उर्फ भालू और गुलेसरा निवासी अंसार को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उक्त लोग भी पुलिस पार्टी पर हमले में शामिल थे।

आरोपितों के वकील मुकेश कुमार ने अदालत में आरोपितों की तरफ से अर्जी दाखिल करके आरोप लगाया कि पकड़े गए लोग बेगुनाह हैं। साथ ही उटावड पुलिस पर थाने में चारों आरोपितों पर अमानवीय यातनाएं देने का भी आरोप लगाया है। वकील मुकेश कुमार, सतबीर सहरावत ने बताया है कि अदालत ने दो नवंबर तक पुलिस से जवाब मांगा है। जांच अधिकारी सहायक सब इंस्पेक्टर सुभाष का कहना था कि मेडिकल परीक्षण कराने के बाद ही आरोपितों को अदालत में पेश किया गया है। उन्हें कोई अमानवीय यातनाएं नहीं दी गई हैं।

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