संवाद सहयोगी, नगीना: निर्माणाधीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मरोड़ा गांव के पास कट देने की मांग को लेकर आसपास के गांवों के लोगों ने बृहस्पतिवार को पंचायत की। पंचायत की अध्यक्षता पूर्व सरपंच चौधरी इलियास ने की। उन्होंने पंचायत में कहा कि अगर प्रशासन ने ग्रामीणों की मांग को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) से पैरवी नहीं की तो ग्रामीण निर्माण कार्य को रोक देंगे। इस मांग को लेकर पंचायत में फैसला लिया गया कि एक जनवरी को महापंचायत कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। पंचायत में गांव मरोड़ा, झिमरावट, बलई, बसई खाजादा, बनारसी, खानपुरघाटी गांव के लोग शामिल हुए। विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्य वक्ताओं में पूर्व सरपंच अब्दुल मजीद, समाजसेवी अब्बास खान, अख्तर हुसैन, चौधरी खुर्शीद, सद्दीक जैलदार, ताहिर पुठली शामिल थे। सर्वसम्मति से 11 लोगों की निर्णायक कमेटी बनाई गई है जिस ने एक जनवरी को महापंचायत बुलाई है। पूर्व सरपंच चौधरी इलियास ने कहा कि सरकारें कोई भी पार्टी की रही हो, लेकिन किसानों को पर्याप्त मात्रा में बिजली-पानी नहीं दे पाई। नगीना क्षेत्र पर ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण आठ मूलभूत सुविधाओं से क्षेत्र वंचित रह गया। उन्होंने कहा कि अगर एक जनवरी 2022 तक केंद्र सरकार कट देने का फैसला नहीं लेती है तो एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य रोकने में ग्रामीण देर नहीं करेंगे। एक जनवरी को मरोड़ा गांव में होने वाली महापंचायत में अगली रणनीति तय होगी। गांव पुठली के ताहिर हुसैन,ब्लाक समिति सदस्य असलम जैलदार हैबितका, ताहिर हुसैन, अब्दुल सत्तार ने कहा कि दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस-वे पर नगीना से होडल स्टेट हाईवे पर मरोड़ा में कट नहीं देना छोटी सी मांग है। जो पहले ही मान लेनी चाहिए थी। पंचायत के सदर चौधरी अब्बास मरोड़ा ने कहा कि मरोड़ा में नगीना उपमंडल, विश्वविद्यालय, नगीना होडल रोड को फोरलेन करने , ट्रामा सेंटर और स्कूलों का अपग्रेडेशन मुख्य मांगे हैं। मेवात आरटीआइ मंच ने जनसमर्थन जुटाने के लिए गांवों में अभियान छेड़ा हुआ है। मौके पर मुबारिक खान अटेरना, पूर्व सरपंच सहीद, रमजान खान, मजीद खान, इलियास प्रधान मरोड़ा आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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