नूंह वाले ध्यान दो! DME-KMP पर एक भी ट्रक बे नहीं, रोजाना हो रहे एक्सीडेंट के बावजूद ट्रैफिक पुलिस बेपरवाह
नूंह जिले में DME, KMP और नेशनल हाईवे पर ट्रक बे की सुविधा नहीं होने से ट्रक सड़क किनारे खड़े रहते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कोहरे में दृश्यता कम होने से समस्या और बढ़ जाती है। ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई करती है, पर ट्रक बे न होने से लोगों को सड़क पर ही लोडिंग-अनलोडिंग करनी पड़ती है। लोक निर्माण विभाग ने इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला है।

पुन्हाना शहर में सड़क किनारे ठीक होने के लिए खड़े वाहन। जागरण
जागरण संवाददाता, नूंह। जिले से गुजरने वाले DME, KMP और नेशनल हाईवे 248A पर कहीं भी ट्रक बे नहीं हैं। इस वजह से ज़्यादातर ट्रक सड़क किनारे खड़े रहते हैं, जिससे एक्सीडेंट का खतरा बना रहता है। ज़्यादातर एक्सीडेंट तब होते हैं जब घने कोहरे की वजह से ट्रक दिखाई नहीं देते। ट्रक बे न होने की वजह से लोगों को अपनी गाड़ियां या ट्रक सड़क किनारे पार्क करने पड़ते हैं, इस स्थिति से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया है।
हालांकि ट्रैफिक पुलिस ऐसे ट्रकों के खिलाफ सख्ती करती है, लेकिन ट्रक बे न होने की वजह से लोगों को लोडिंग-अनलोडिंग या छोटी-मोटी मरम्मत के लिए अपने ट्रक सड़क किनारे पार्क करने पड़ते हैं। इसके अलावा, बसें अक्सर सवारियों को उतारते समय बीच सड़क पर ही रुक जाती हैं, जिससे एक्सीडेंट का खतरा बना रहता है।
गौरतलब है कि जिले के किसी भी रूट पर ट्रक बे नहीं है। इस वजह से सड़कों पर खड़े ट्रक एक्सीडेंट का कारण बन रहे हैं। रोज़ाना हो रहे एक्सीडेंट के बावजूद ट्रैफिक पुलिस ने अभी तक गैर-कानूनी तरीके से पार्क किए गए वाहनों पर कार्रवाई नहीं की है।
DME पर भी ड्राइवर अपने ट्रक गैर-कानूनी तरीके से पार्क करके घर चले जाते हैं, और कई घंटे देर से लौटते हैं। यही वजह है कि ज़्यादातर एक्सीडेंट टक्कर की वजह से होते हैं। हालांकि पुलिस DME पर गैर-कानूनी तरीके से पार्क की गई गाड़ियों पर फाइन लगाती है, लेकिन ट्रक बे की सुविधा न होने की वजह से ड्राइवरों को फाइन का डर नहीं होता, क्योंकि वे घर चले जाते हैं।
सड़कों पर होती है गाड़ियों की रिपेयर
मार्केट में अक्सर बड़ी गाड़ियों को सड़कों पर पार्क करके रिपेयर किया जाता है। मैकेनिक के पास बड़े ट्रक पार्क करने की जगह न होने की वजह से ट्रक बे की सुविधा नहीं होती। ड्राइवरों को मजबूरन अपने ट्रक सड़क के किनारे पार्क करने पड़ते हैं, जिससे न सिर्फ एक्सीडेंट होते हैं बल्कि ट्रैफिक जाम भी लगता है।
सड़कों पर होती है ट्रक लोडिंग
ट्रक बे की कमी की वजह से लोग सामान लोड या अनलोड करने के लिए अपने ट्रक सड़क पर पार्क कर देते हैं। जबकि दूसरे शहरों में सड़कों पर ट्रक बे होते हैं, जिससे पार्क करते समय कोई भी काम किया जा सकता है, जिससे एक्सीडेंट का खतरा खत्म हो जाता है। लेकिन, नूंह जिले में किसी भी सड़क पर ट्रक बे नहीं है।
किसी भी सड़क पर बस बे नहीं है। यह बिल्कुल सच है। हालांकि, यह भविष्य की योजनाओं में ही संभव होगा। अभी इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों को अपनी गाड़ियां सड़क पर पार्क करने के बजाय अपनी निजी जमीन पर पार्क करनी चाहिए।
--प्रदीप सिंधु, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, नूंह
DME या दूसरी सड़कों पर गाड़ियां पार्क करने पर समय-समय पर चालान किए जाते हैं। DME पर ट्रक ड्राइवरों को कई बार चेतावनी दी गई है। गैर-कानूनी तरीके से गाड़ी पार्क करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-सुखबीर सिंह, ट्रैफिक स्टेशन ऑफिसर, मांडीखेड़ा

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