जागरण संवाददाता, फिरोजपुर झिरका (नूंह): उपमंडल के गांव रनियाला के ग्रामीणों ने गांव से सामाजिक बुराइयों को मिटाने लिए एकजुटता दिखाई है। यहां ग्रामीणों ने एक महापंचायत कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव में जुआ-सट्टा और शराब सहित प्रतिबंधित पशुओं के लाने और खाने पर पूर्णत: पाबंदी रहेगी। सामाजिक कुरीतियों पर रोकथाम की पहल करने वाला उपमंडल का यह छठा गांव है। इससे पहले गांव पाड़ला, अखनाका रीगढ़, चक रंगाला, और अलीपुर तिगरा तथा कोलगांव के ग्रामीण सामाजिक कुरीतियों के खात्में को लेकर लामबंद हुए पड़े हैं।

बता दें, समाज में सामाजिक बुराइयों के दिन प्रतिदिन बढ़ने के चलते न केवल इलाके का माहौल खराब हो रहा है बल्कि इसकी वजह से क्षेत्र में अपराध की घटनाएं भी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र का युवा तबका शराब, जुआ सट्टा और प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी में लिप्त होकर अपना जीवन नर्क ही बल्कि इलाके को बदनाम भी कर रहा है। ऐसे में गांवों में फैलती सामाजिक बुराइयों की रोकथाम के लिए क्षेत्र के नौजवानों ने अपने बड़े बुजुर्गों को साथ लेकर इस क्रम में एक ऐतिहासिक पहल शुरू की है। इस पहल का काफी हद तक फायदा भी होता दिख रहा है। कई गांवों में सामाजिक बुराइयों के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए न केवल पंचायतों का दौर शुरू हो चुका है बल्कि कई गांवों में इसको लेकर गहनता से मंथन किया जा रहा है। निश्चित ही हमें इस बात की बेहद खुशी है कि क्षेत्र के कुछ गांवों ने सामाजिक बुराइयों के खात्में के लिए एक ऐतिहासिक पहल शुरू की है। इस प्रकार की रोकथाम से क्षेत्र में अपराध की घटनाएं कम होने की संभावना है। पंचायतों की पहल में पुलिस भी उनका पूरा सहयोग देगी।

ब्रह्म ¨सह पोसवाल, डीएसपी फिरोजपुर झिरका।

Posted By: Jagran