जागरण संवाददाता, नूंह : रविवार को आर्य समाज मंदिर नूंह में पराक्रम दिवस हवन करके मनाया गया। हवन के पश्चात सुनील आर्य और किशन कुमार गर्ग ने ओजस्वी भजन सुनाए। सभी सदस्यों ने एक स्वर में नेता जी सुभाष चन्द्र बोस को श्रद्धांजलि देते हुए जय हिद बोस का नारा लगाया।

ज्ञान चंद आर्य ने नेताजी सुभाष बोस के जीवन पर संक्षिप्त प्रकाश डाला। बताया कि नेताजी सुभाष बोस दो बार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। कांग्रेस के नेताओं के असहयोग के कारण नेताजी ने कांग्रेस से त्यागपत्र देकर फारवर्ड ब्लाक की स्थापना की। एक बार लाहौर आर्य समाज के सम्मेलन में गुरुकुल कांगड़ी के अधिष्ठाता कृष्ण ने नेताजी से पूछा कि क्या आपको सावरकर जी ने आजादी के लिए सेना बनाने के लिए कहा है, तो नेताजी के हां कहने पर महाशय कृष्ण ने कहा कि आर्य समाज आपको इस पुनीत कार्य के लिए अभी इसी समय दस हजार रुपये की थैली भेंट करता है। नेताजी के मुंह से निकला धन्यवाद। महाशय कृष्ण ने कहा कि धन्यवाद कैसा, यह पूरे देश का काम है। धन्यवाद तो हमें आपका करना चाहिए। बोस ने जवाब दिया कि आर्य समाज तो मेरी मां के समान है। जितने भी क्रांतिकारी हैं, वो सभी कहीं ना कहीं स्वामी दयानंद सरस्वती के स्वदेशी की भावना से प्रेरित हैं। आर्य समाज नूंह सुभाष चंद्र बोस को कोटि कोटि नमन करता है। कार्यक्रम में सुरेश चंद आर्य, मनोज आर्य, नरेंद्र आर्य, किशन कुमार, सुनील आर्य, जेएस सैनी, जय भगवान, सुरेश अग्रवाल, जगमोहन शर्मा मालब आदि श्रद्धालु उपस्थित थे।

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