संवाद सहयोगी, तावडू: तावडू से कोटा खंडेवला मार्ग चौड़ीकरण में भारी लापरवाही देखने को मिल रही है। मार्ग के दोनों ओर खोदे गए गहरे गड्ढों के कारण हादसे का अंदेशा बना रहता है।

तावडू से दिल्ली-जयपुर हाईवे को जोड़ने वाले करीब 19 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य हरियाणा स्टेट रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन द्वारा किया जा रहा है। जिसमें 12.20 किलोमीटर लंबा हिस्सा तावडू में आता है। जुलाई 2021 में शुरू हुए इस मार्ग चौड़ीकरण के कार्य में ठेकेदारों की लापरवाही देखने को मिल रही है। सड़क के दोनों ओर जेसीबी द्वारा गहरे गड्ढे तो खुदवा दिए गए हैं, लेकिन बिना किसी संकेतक बोर्ड के क्षेत्र में पड़ रहे भारी कोहरे के कारण हर समय हादसे होने का अंदेशा बना रहता है।

स्थानीय निवासी धर्मपाल सहरावत, राकेश कुमार, राजेंद्र उर्फ राजी, कृष्ण मास्टर आदि का कहना है कि मार्ग चौड़ीकरण के साथ ही कई जगह पुलिया निर्माण का कार्य चल रहा है। जिसके चलते मार्ग को दोनों ओर से कई-कई फीट गहरा खोदा गया है। कई जगह निर्माण सामग्री के ढेर पड़े हैं। क्षेत्र में कई दिनों से पड़ रहे भारी कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रहती है, जिसके चलते हर समय किसी न किसी बड़े हादसे होने का अंदेशा बना रहता है। जबकि कई दोपहिया वाहन चालक सड़क के किनारे खोदे गए इन गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। कई माह पूर्व मार्ग चौड़ीकरण के नाम पर सड़क के दोनों और गहरे गड्ढे खोदे गए। इन गड्ढों में गिरकर कई लोग चोटिल हो चुके हैं। प्रशासन से अपील है कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए संकेतक बोर्ड लगाए जाएं।

- प्रतीक सहरावत, स्थानीय निवासी तावडू से कोटा खंडेवला को जाने वाले मार्ग चौड़ीकरण में सुरक्षा को लेकर भारी लापरवाही बरती जा रही है। एक तो कई महीनों से लाइटें खराब पड़ी हैं ऊपर से निर्माण कंपनी द्वारा सड़क के दोनों ओर गड्ढे कर दिए गए हैं।

- ईश्वर सिंह, स्थानीय निवासी धुंध और कोहरे के कारण वैसे ही ²श्यता कम हो जाती है। ऊपर से सड़क के साथ खोदे गए गड्ढे हादसों का कारण बन रहे हैं। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन संबंधित ठेकेदार को निर्देश दे।

- डा. ज्योति सैनी, पार्षद वार्ड नंबर एक करीब 24 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से चल रहे मार्ग चौड़ीकरण का कार्य कुछ विभागीय अड़चन के कारण रुक गया था जिसमें तेजी लाई गई है। फिर भी यदि निर्माण कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही बरती जा रही है तो उसको लेकर संबंधित ठेकेदारों को कहा जाएगा। लोगों की सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है।

- मुहम्मद जुबेर, डीजीएम, एचएसआरडीसी, गुरुग्राम

Edited By: Jagran