जागरण संवाददाता, नूंह : जिले में बुखार अब जानलेवा हो गया है। आकेड़ा गांव में अलग-अलग दिनों में हुई तीन लोगों की मौत से जिला प्रशासन जहां अलर्ट मोड में है वहीं स्वास्थ्य महकमे की टीम भी गांव-गांव जाकर नमूना ले रही हैं। उधर उपायुक्त के निर्देश पर फागिग का काम भी तेज गति से किया जा रहा है।

जिले में बुखार का प्रकोप जारी है। वायरल के अधिकांश मरीज जगह-जगह मिल रहे हैं। बीते दस दिनों में आकेड़ा गांव में बुखार से तीन लोगों की जान चली गई। बृहस्पतिवार को गांवों से डेंगू एवं मलेरिया के करीब 60 नमूने लिए गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डा. विक्रम ने बताया कि शमीम, इकबाल और शाकिर की मौत हो गई है। उनके स्वजन ने उन्हें बुखार होने की जानकारी दी थी। सभी के नमूने लेकर डेंगू की जांच के लिए भी भेज दिए गए हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तावडू के प्रवर चिकित्सा अधिकारी डा. देवेंद्र सोलंकी का कहना है कि उनके यहां अभी तक कोई भी मलेरिया या डेंगू के मरीज की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं तावड़ू के वरिष्ठ चिकित्सक डा. आरपी शर्मा का कहना है कि वायरल के बाद अब उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिसमें मरीजों की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। हालांकि सामान्य बुखार में भी प्लेटलेट्स कम हो जाना आम बात है। उन्होंने कहा कि वायरल एक तरह का मौसमी बुखार है, जिसमें शरीर के तापमान में बढ़ोतरी के साथ खांसी, जुकाम के साथ छाती व जोड़ों में दर्द होता है, जो उपचार के साथ कुछ सावधानियां बरत कर ठीक हो जाता है। वायरल बुखार भी एक प्रकार का संक्रमण रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में चला जाता है। सावधानी बरतें

- बुखार आने पर चिकित्सक के इलाज कराएं

- मच्छरदानी का प्रयोग करें

- फुल बाजू के कपड़े पहनें

- भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें

- मास्क का इस्तेमाल करें

Edited By: Jagran