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जिले में पराली जलाने पर प्रतिबंध

जिलाधीश धीरेंद्र खड़गटा ने तुरंत प्रभाव से जिले में धान की फसल की कटाई के बाद बचे उसके अवशेषों को जलाने पर प्रतिबंध लगाया है। यह आदेश आगामी दो माह तक लागू रहेंगे।

By JagranEdited By: Published: Tue, 29 Sep 2020 03:54 PM (IST)Updated: Tue, 29 Sep 2020 03:54 PM (IST)
जिले में पराली जलाने पर प्रतिबंध
जिले में पराली जलाने पर प्रतिबंध

जागरण संवाददाता, नूंह: जिलाधीश धीरेंद्र खड़गटा ने तुरंत प्रभाव से जिले में धान की फसल की कटाई के बाद बचे उसके अवशेषों को जलाने पर प्रतिबंध लगाया है। यह आदेश आगामी दो माह तक लागू रहेंगे।

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जारी आदेशों में बताया गया है कि जिला की सीमा के अंदर धान की फसल की कटाई के बाद बचे हुए उसके अवशेषों को जला दिया जाता है। इन अवशेषों के जलने से होने वाले प्रदूषण से मनुष्य के स्वास्थ्य की हानि, तनाव, क्रोध तथा जीवन को बाहरी खतरे तथा भूमि की उर्वरा शक्ति कम होती है। जबकि इन अवशेषों से पशुओं के लिए तूड़ा (चारा) बनाया जा सकता है और इसके जलाने से चारे की भी कमी हो जाती है। जिलाधीश ने कहा कि इन आदेशों की अवहेलना में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है कि तो वह दंड का भागी होगा।


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