अख्तर अलवी, फिरोजपुर झिरका: नूंह जिले का फिरोजपुर झिरका शहर स्वच्छ भारत अभियान के तहत दो दफा जिले में स्वच्छता अभियान का बेस्ट अवार्ड जीत चुका है। ये अच्छी बात है, और हम भी चाहते हैं कि हमारा शहर स्वच्छ और सुंदर बना रहे और साल दर साल बेस्ट अवार्ड जीतता रहे। लेकिन वर्तमान में शहर में समस्याओं का अंबार लगा है, आइए आपको सिलसिले वार बताते हैं कि शहर में क्या-क्या समस्याएं हैं और किस तरह लोग उनसे जूझ रहे हैं।

सीवरेज लाइन : शहर को सीवरेज सिस्टम से जोड़ने के लिए अब से 11 साल पहले सीवर लाइन बिछाई गई। लोग इसको लेकर परेशान हैं। कई जगह टूटे मैनहोल में जहां लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं वहीं इनसे निकल रहे बदबूदार पानी ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। यह सीवर लाइन अभी तक चालू नहीं की गई है। सीवरेज सेवा चालू नहीं होने से प्रतीत होता है कि सरकार का करोड़ों रुपया संबंधित विभाग ने सीवर लाइन बिछाने के साथ ही मिट्टी में दफन कर दिया है।

सड़कों का बुरा हाल : शहर में इस समय सड़कों का भी बुरा हाल है। कई जगह क्षतिग्रस्त पड़ी सड़कें न केवल शहर की सूरत बिगाड़ रही हैं, बल्कि ये अधिकारियों पर भी अंगुलियां उठा रही हैं। यहां आने-जाने वाले लोग स्थानीय प्रशासन और उसके अधिकारियों को आए दिन कोसते रहते हैं। लोगों का आरोप है कि सड़कों के निर्माण के दौरान घटिया सामग्री और अनियमिताएं बरती गई थी। वैसे सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की शिकायत आम हैं। इस संबंध में पूर्व प्रधान जयसिंह सैनी उच्च अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं, जिसके संबंध में एक जांच कमेटी जांच कर रही है।

ओवरफ्लो होकर बह रही नालियां : शहर में आज भी गंदे पानी की निकासी की व्यापक व्यवस्था नहीं है। बीते माह में बारिश के दिनों में जिस तरह लोगों ने जलभराव की समस्या झेली थी उसने न केवल प्रशासन की पोल खोलकर रख दी थी, बल्कि प्रशासन के जलनिकासी के दावों को भी पूरी तरह धराशायी कर दिया था। आज भी सोमनाथ मार्केट में जलभराव की समस्या से दर्जनों दुकानदार परेशान हैं। उनकी दुकानों के आगे जमा हो रहे गंदे पानी को लेकर उन्होंने सभी के पास अपनी अर्जी लगाई लेकिन समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ। करोड़ों खर्च करने के बाद भी जलनिकासी की व्यापक व्यवस्था नहीं होने से शहर में मच्छर जनित बीमारियां फैल रही हैं।

कई महीनों से बंद पड़ी हैं स्ट्रीट लाइटें : शहर की गलियों से अंधेरा दूर करने तथा शहर को दूधिया रोशनी से नहलाने के लिए दो साल पहले करीब दो करोड़ की लागत से स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थी। शुरुआत में ये ठीक चली लेकिन अब शहर की अधिकांश लाइटें या तो बंद पड़ी हैं या फिर पूरी तरह से वो खराब हो चुकी हैं। खराब पड़ी लाइटों की वजह से शहर की गलियों व मुख्य मार्गों पर अंधेरा छाया हुआ है। वैसे इनकी खरीद में भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। जिसकी जांच बिजली निगम के दो बड़े अधिकारी कर रहे हैं।

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मुझे हाल ही में फिरोजपुर झिरका नगरपालिका का चार्ज मिला है। शहर की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। नए टेंडर लगाकर सड़कों का निर्माण, स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराने की उचित व्यवस्था और जलनिकासी के व्यापक प्रबंध किए जाएंगे।

- सुनील रंगा, कार्यवाहक सचिव नगर पालिका फिरोजपुर झिरका

Edited By: Jagran