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कुकर्म मामले में मेडिकल रिपोर्ट हल्की करने के लिए 2.50 लाख की रिश्वत, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी गिरफ्तार

Published: Wed, 19 Aug 2026 06:50 AM (IST)

पिनगवां स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर वीरपाल और कर्मी मोनू को फरीदाबाद एसीबी ने एक किशोर के साथ कुकर्म मामले में ...और पढ़ें

पिनगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहां से पकडा गया डाक्टर। जागरण

पिनगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहां से पकडा गया डाक्टर। जागरण

HighLights

  1. पिनगवां डॉक्टर, कर्मी 2.5 लाख रिश्वत लेते पकड़े गए।

  2. कुकर्म मामले में मेडिकल रिपोर्ट, डीएनए सैंपल बदलने का आरोप।

  3. फरीदाबाद एसीबी ने की कार्रवाई, भ्रष्टाचार की जांच जारी।

जागरण संवाददाता, पिनगवां (नूंह)। किशोर के साथ कुकर्म के मामले में मेडिकल रिपोर्ट हल्की बनाने व डीएनए सैंपल बदलने की एवज में पिनगवां स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डा वीरपाल व केंद्र एक कर्मी मोनू को मंगलवार को फरीदाबाद की एसीबी की टीम ने ढ़ाई लाख रुपये की रिश्वत के मामले में पकड़ा है।

आरोपित डाक्टर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज कर एसीबी मामले की जांच कर रही है। आरोप है कि डाक्टर वीरपाल ने हाल ही में पिनगवां थाना क्षेत्र में एक किशोर के साथ हुए कुकर्म के मामले में मेडिकल रिपोर्ट को हल्की करने तथा डीएनए के सैंपल बदलने की एवज में आरोपित पक्ष से रिवश्त मांगी थी।

बिचौलिया की भूमिका स्वास्थ्य कर्मी मोनू था। मामले की शिकायत एसीबी में की गई, फरीदाबाद के एसीबी के निरीक्षक बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

बेहोश करव किया था दुष्कर्म

बता दें कि बीते 12 अगस्त को एक गांव का किशोर घर की छत पर पतंग उड़ा रहा था। इसी बीच वहां पर आरोपित सुमित आया और उसने किशोर को नशीला पदार्थ सुंघाकर उसे पहले बेहोश किया फिर उसके बाद उसके साथ कुकर्म किया।

होश आने के बाद जब किशोर घर पहुंचा तो उन्होंने अपने स्वजन को आपबीती घटना बताई। आरोप है कि जब किशोर का पिता आरोपित के घर उससे उलहाना देने के लिए पहुंचा तो उसे धमकी दी गई। पुलिस इस मामले में आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था।

आरोपित पुलिस ने अदालत में पेश किया था, वहां से आरोपित को न्यायिक हिरासत में जेल भेज भी दिया गया था। चूंकी इस मामले में डीएनए की जांच जानी थी, बताया गया है आरोपित सुमित के स्वजन ने सैंपल बदलने व हल्की धारा कराने के लिए आरोपित के स्वजन से रिश्वत की मांग की।

जिसका सौदा ढ़ाई लाख रुपये में तय हुआ। मामले को लेकर आरोपित के स्वजन ने मामले को लेकर फरीदाबाद एसीबी में शिकायत की।

जिसके आधार पर पिनगवां सीएचसी में मंगलवार को फरीदाबाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई करते हुए डा. बीरपाल और उनके सहायक मोनू को गिरफ्तार कर लिया।

2,50,000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा

एसीबी के अनुसार डा. बीरपाल, मेडिकल आफिसर सीएचसी पिनगवां और उनके सहायक मोनू को थाना पिनगवां में दर्ज पोक्सो एक्ट के एक मामले में रिपोर्ट हल्की करने की एवज में 2,50,000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया।

टीम ने दोनों आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और भ्रष्टाचार में लिप्त अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

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