नूूंह और गुरुग्राम में अब प्राइवेट कंपनी देगी बिजली, विरोध में उतरे कर्मचारी; 3 दिन ठप रह सकती है सप्लाई
नूंह में बिजली चोरी और लाइन लॉस की गंभीर समस्या के चलते विद्युत वितरण व्यवस्था निजी कंपनी को सौंपी जा ...और पढ़ें

नूंह और ग्रुरुग्राम में बिजली निजी हाथों में गई। फोटो: सांकेतिक
मोहम्मद हारून, नूंह। नूंह में बिजली की चोरी व लाइनलॉस प्राइवेट स्तर पर ठेके में बिजली दिए जाने के लिए प्रमुख कारक माना जा रहा है। बिजली चोरी और लाइनलॉस ने जिले में निगम की मुश्किलें बढ़ाईं, जिसके परिणामस्वरूप नूंह व गुरुग्राम जिले को प्राइवेट स्तर पर विद्युत सप्लाई के लिए प्राइवेट कंपनी को सौंपा गया है।
हालांकि इसके विरोध में सड़कों पर कर्मचारियों का आक्रोश होने लगा है। बिजली मंत्री अनिल विज भी फैसले का विरोध करने लगे हैं। लेकिन देखना है अब इसमें आगे क्या कार्रवाई होगी।
430 लाख का जुर्माना, फिर भी चोरी पर अंकुश नहीं
निगम की तरफ से पिछले छह माह के दौरान 1767 मामले पकड़े, जिन पर विभाग ने 430 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना की राशि से 47 प्रतिशत ही वसूली हो सकी। यह राशि 202.82 लाख रुपये रही।
बावजूद इसके बिजली चोरी और अधिक लाइनलॉस जैसी समस्याओं से बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया। इसी पृष्ठभूमि में नूंह और गुरुग्राम क्षेत्र की बिजली वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय भी अहम माना जा रहा है।
अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक निगम की आपरेशन विंग ने बिजली चोरी के 1767 मामले पकड़े। इन मामलों में उपभोक्ताओं पर कुल 430.26 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई।
बिजली चोरी के मामलों में 12 प्रतिशत बढ़ोतरी
बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष अप्रैल से सितंबर 2025 के दौरान जिले में बिजली चोरी के 1578 मामले पकड़े गए थे। इन पर 383.86 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई थी और 1060 मामलों में 174.53 लाख रुपये की वसूली हुई थी।
इस तरह इस वर्ष बिजली चोरी के पकड़े गए मामलों में करीब 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पेनल्टी की राशि भी करीब 46.40 लाख रुपये बढ़ी है।
अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान नूंह सब डिविजन में 591, फिरोजपुर झिरका में 451, पुन्हाना में 383 और नगीना में 342 बिजली चोरी के मामले पकड़े गए।
सितंबर 2026 में ही जिले में बिजली चोरी के 513 मामले पकड़े गए और 107.84 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई। इनमें नूंह में 210, फिरोजपुर झिरका में 97, पुन्हाना में 114 और नगीना में 92 मामले शामिल हैं।
नूंह जिले में करीब 150 लाख उपभोक्ता: नूंह जिले के तावड़ू, नूंह, फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना क्षेत्र में करीब डेढ़ लाख उपभोक्ता हैं, इसमें तावड़ू को छोड़कर करीब 1 लाख 28 हजार उपभोक्ता हैं। नई व्यवस्था के तहत प्राइवेट कंपनी को सामानांतर बिजली की सप्लाई का हक रहेगा। जिससे कर्मचारी वर्ग में नाराजगी बनी हुई।
निजीकरण के विरोध में तीन दिन हड़ताल
हरियाणा बिजली विनियामक आयोग द्वारा इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण के लिए समानांतर (पैरेलल) लाइसेंस दिए जाने के फैसले के विरोध में मंगलवार को बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने नूंह व गुरुग्राम स्थित सर्कल कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के चेयरमैन मुकेश गर्ग के पुतले फूंककर निजीकरण के विरुद्ध रोष जताया। संयुक्त संघर्ष मोर्चा किसी भी कीमत पर बिजली के निजीकरण को स्वीकार नहीं करेगा। कर्मी
उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर को प्रदेशभर के सबडिवीजन कार्यालयों पर निजीकरण संबंधी फैसले की प्रतियां जलाकर विरोध जताया जाएगा। इसके बाद 22, 23 और 24 अक्टूबर को प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर तीन दिवसीय हड़ताल में भाग लेंगे।
महेंद्र, योगराज नूंह, सोहना यूनिट प्रधान विजयपाल और तावड़ू सब यूनिट सचिव मोहम्मद हासिम ने कर्मचारियों से हड़ताल को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर भाग लेने की अपील की।
निजीकरण का विरोध संयुक्त मोर्चा की तरफ से किया जा रहा है। इससे इंजीनियर भी खुश नहीं हैं। आगे जो भी फैसला होगा संयुक्त मोर्चा का फैसला होगा उस पर अमल होगा। बिजली की व्यवस्था में काफी सुधार भी हुआ है।
- कुलदीप यादव, कार्यकारी अभियंता बिजली निगम नूंह
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