संवाद सहयोगी, नगीना : सामाजिक कार्यों में भाग लेने वाले लोगों के लिए समर्पण पोर्टल शुरू किया गया है। इसके माध्यम से किसी भी सामाजिक कार्य में कोई भी व्यक्ति भागीदार बन सकता है। इस पोर्टल को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर लांच किया था। इस बात की जानकारी उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने दी।

उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से स्वेच्छा से काम करने वाले लोगों को जोड़ा जाएगा। इसके बाद शिक्षा, कौशल विकास, खेल, कृषि आदि के क्षेत्र में युवाओं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों सहित स्वयंसेवकों की सेवाएं ली जाएंगी। 'समर्पण' पहल के माध्यम से दी जाने वाली स्वैच्छिक सेवाएं शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, किसान कल्याण, कौशल विकास जैसे सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों तथा प्रयासों के साथ जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि समर्पण ऐसे स्वयंसेवकों के लिए मंच प्रदान करता है, जो समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं। यदि कोई बच्चों की मदद करना चाहता है तो वह उन्हें पढ़ा सकता है, खेल या कौशल का प्रशिक्षण दे सकता है। यदि कोई महिलाओं के कल्याण के लिए काम करना चाहता है तो वह उन्हें पोषण, सशक्तीकरण अथवा सुरक्षा के बारे में जागरूक कर सकता है। स्वैच्छिक सेवाओं का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ये व्यक्ति आधारित है और इस पहल के माध्यम से कोई स्वयंसेवी सुशासन के लक्ष्य को पूरा करने में सरकार और स्थानीय समुदाय की सहायता कर सकता है। उन्होंने कहा कि 'समर्पण' कार्यक्रम का लक्ष्य समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए कुछ कर-गुजरने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति की राह को आसान करना है। यदि कोई इस सवाल का उत्तर खोज रहा है कि वह दूसरों के लिए क्या कर रहा है तो राज्य सरकार 'समर्पण' के माध्यम से उसे प्रदेश में सकारात्मक बदलाव का वाहक बनने के लिए आमंत्रित करती है। उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि नूंह में बड़ी संख्या में ऐसे लोग है जो कि सामाजिक कार्यो में अग्रणी रहते है। उन लोगों के लिए समर्पण पोर्टल सरकार की एक सराहनीय पहल है।

Edited By: Jagran