शेरसिंह चांदोलिया, नगीना: नूंह जिले के पिछड़ेपन की बड़ी वजह सार्वजनिक यातायात सुविधा का अभाव भी है। यातायात की सुविधा न होने के कारण यहां के ज्यादातर युवा दूसरे जिलों में रोजगार नहीं कर पाते। मेवात में पहले से ही रोजगार नहीं है साथ गांवों बस की सुविधा न होना ग्रामीणों को सता रहा है। यहां पर गांव ज्यादा हैं । रोजगार के भी ऐसे खास प्रबंध नहीं है। यही कारण है कि नूंह में आज भी साक्षरता दर 60 प्रतिशत से कम है। पूरा साल गुजर गया हर गांव को बस यात्रा की सुविधा से जोड़ने और यातायात की सुविधा से लैस करने की योजना केवल बातों तक ही सीमित रही हैं। यहां तक कि स्कूली छात्राओं के लिए भी बस ही सुविधा पूरे साल नहीं मिल सकी। जिले में 443 गांव हैं जिनमें से करीब 300 गांव आज में बस सेवा या यातायात की सुविधा से वंचित हैं। इन गांवों में नहीं यातायात की सुविधा:

जिले के सांठावाड़ी, नांगलमुबारिकपुर, नंगला साबत, गुमट बिहारी, खोयरी, बालोज, घागस, कन्साली, उलेटा, कुल्ताजपुर, खेडलीकलां, मोहलाका, बसई खां जादा, झिमरावट, गुजरनंगला, शेखपुर, बाईखेड़ा, बहरीपुर, सूगरपुर, जलालपुर, नाईनंगला, हैबतका यहां तक की नगीना में भी बस की सुविधा नहीं है। यहां के लोग भी बडकली चौक के गुरुग्राम अलवर हाईवे से बसों में बैठते हैं। जबकि यहां तक एक मिनी बस अडडे की जरुरत है।

यहां पर है बस की थोड़ी बहुत सुविधा:

जिले के पिनगवां, मरोडा, खानपुर घाटी, शाहचौखा, भादस, आकेड़ा, मालब, पिथोरपुरी, मांडीखेडा, मोहम्मद बास, खेडी, नसीरबास, बोडीकोठी, नावली, राजाका, मढी, मरोडा, खेडला, फिरोजपुर नमक, नगली, सलंबा, घासेडा, रेवासन, कंवरसिका व रोजका की मुख्य रूप से यातायात का फायदा उठा रहे है। बाकि कुछ गांव ऐसे भी हैं जो हाईवे से एक दो किलोमीटर की दूरी पर हैं वो भी बस का फायदा उठा लेते हैं।

पूरे साल निजी वाहनों के सहारे रहे लोग:

पूरे साल 2021 में लोग निजी वाहनों के सहारे ही रहे। लेकिन सरकारी यातायात की सुविधा ना मिल सकी। हालांकि यहां पर मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री के दौरे भी लगे रैलियों भी हुई। लेकिन कोरे आश्वासन तो खूब मिले लेकिन बस की सुविधा नहीं मिली। सभी गांवों को बस की सुविधा से जोड़ने के लिए कुछ समय पहले मुख्यमंत्री से बात हुई थी। उन्होंने इस संबंध में जल्द कदम उठाने की बात कही है। आगामी समय में नूंह जिले के लिए बसें मंगवाई जाएंगी। उनमें से स्कूली छात्राओं के लिए जरूर सुविधा दी जाएगी।

नसीम अहमद, पूर्व विधायक व प्रदेशाध्यक्ष अल्पसंख्यक भाजपा

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