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    Cyber Fraud: साइबर ठगी का पर्दाफाश, 73 ATM कार्ड के साथ दो शातिर आरोपी दबोचे

    Updated: Thu, 11 Sep 2025 05:10 PM (IST)

    नूंह साइबर क्राइम पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान आसिफ और आरिफ के रूप में हुई है। उन पर ऑनलाइन धोख ...और पढ़ें

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    फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो साइबर आरोपी गिरफ्तार।

    जागरण संवाददाता, नूंह। नूंह साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई कर दो साइबर ठगी के आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितो की पहचान आसिफ पुत्र दीन मोहम्मद (निवासी फिरोजपुर झिरका) और आरिफ पुत्र अजीम (निवासी कालियाबास साकरस) के रूप में हुई है।

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    वहीं, दोनों पर ऑनलाइन ठगी, फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने और साइबर अपराधियों की सहायता करने जैसे गंभीर आरोप हैं। आरोपितों से पुलिस ने एक कार व 73 एटीएम कार्ड बरामद किए है।

    पुलिस को साइबर ठगी करने वाले युवकों के बारे में सूचना मिली । सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान दो साइबर आरोपितों को एक कार सहित पकड़ा था। तलाशी में उनके पास से फर्जी कई सिम कार्ड और 73 एटीएम कार्ड बरामद हुए।

    वहीं, पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये आरोपित एटीएम मशीनों पर लोगों के कार्ड बदलकर और फर्जी सिम का उपयोग कर आनलाइन ठगी करते थे। जांच में यह भी पता चला कि आसिफ पुत्र दीन मोहम्मद इन अपराधियों को फर्जी बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम उपलब्ध कराता था। इसके आधार पर पुलिस ने नौ सितंबर को आसिफ को गिरफ्तार कर लिया।

    वहीं, जुलाई में दर्ज एक अन्य मामले में पुलिस ने एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया था, जो फेसबुक और व्हाट्सएप बिजनेस पर नकली टायज सेलिंग पेज बनाकर लोगों को ठग रहा था। तकनीकी जांच में सामने आया कि ठगी की रकम कई बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी, जिनमें से एक खाता आरिफ पुत्र अजीम का था। आरिफ की मुख्य भूमिका फर्जी खातों को उपलब्ध कराना और ठगी की रकम को विभिन्न खातों में घुमाना था। इस आधार पर उसे भी नौ सितंबर को गिरफ्तार किया गया।

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    पुलिस के प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में जांच जारी है। पुलिस तकनीकी विश्लेषण के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन आरोपितों के तार किसी बड़े साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े हैं।