जागरण संवाददाता, नूंह:

शिक्षक-अभिभावक के बीच विश्वास का माहौल पैदा करने तथा शिक्षा के स्तर को उठाने के विषय पर नूंह के मॉडर्न मदर्स प्राइड स्कूल में शनिवार को एक चर्चा गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक तथा स्कूल स्टाफ के अलावा शहर के प्रबुद्ध लोगों ने शिरकत की। गोष्ठी में आज के माहौल में बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही शिक्षकों व अभिभावकों के बीच सामंजस्य स्थापित करने पर भी गौर किया गया।

स्कूल की प्राचार्य ममता कौशिक ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा प्रतियोगिता का विषय बन गई है। जबकि शिक्षा को बच्चों का भविष्य संवारने का माध्यम बनाना चाहिए। आज स्कूल की बि¨ल्डग देखकर शिक्षा के स्तर का अंदाजा लगाया जाता है। अगर एक स्कूल की बि¨ल्डग अच्छी है तो हम उस स्कूल को अच्छा मानते हैं, भले ही उस स्कूल के अच्छे स्तर की शिक्षा प्रदान करने का साधन मौजूद न हो। बच्चों के लिए सबसे अच्छा स्कूल होने की सबसे पहली कसौटी उसकी घर से दूरी है जो स्कूल बच्चे के जितना पास है कि वह आसानी से बिना अधिक समय लगाए वहां जा सके तो वह सबसे अच्छा है। इसके बाद स्कूल के शिक्षक की योग्यता तथा अन्य सुविधाएं आती हैं। एक अच्छा स्कूल घर से इतना दूर है कि बच्चे का अधिकांश समय ट्रैव¨लग में खर्च हो जाए तो वह अच्छा नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने कहा कि आज सभी अभिभावक बच्चों को टॉप पर ही रखना चाहते हैं। जबकि यह बच्चे की इच्छा पर निर्भर करता है कि वह क्या सीखना चाहता है। जो माता-पिता बच्चों को ज्यादा समय देते हैं वे स्कूल से भी अच्छी शिक्षा अपने बच्चों को दे रहे हैं, लेकिन आज के बिजी शेड्यूल में अभिभावक बच्चों पर ध्यान नहीं दे पाते। वहीं इस दौरान अभिभावकों ने भी अपने-अपने विचार मंच के माध्यम से सभी के समक्ष रखे। गोष्ठी के अंत में ¨प्रसिपल ने सभी का आभार जताया और उम्मीद जताई की गोष्ठी में से निकले सुझावों पर अमल किया जाएगा।

Posted By: Jagran