दावों की खुली पोल: सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाओं का टोटा, निजी सेंटरों का सहारा ले रही जनता
मेवात के जिला अस्पताल मांडीखेड़ा में मुफ्त इलाज योजना केवल कागजों तक सीमित है, क्योंकि अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
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बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे। AI जनरेटेड
HighLights
जिला अस्पताल मांडीखेड़ा में मुफ्त इलाज योजना कागजों तक सीमित।
अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं।
मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगी जांच करानी पड़ रही है।
संवाद सहयाेगी, नगीना (मेवात)। मेवात में जिला अस्पताल मांडीखेड़ा में मुफ्त इलाज योजना केवल काग़जों तक सीमित रह गई है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन अस्पताल में कई महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों और उनके स्वजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी महत्वपूर्ण जांचों की पर्याप्त सुविधा नहीं है। ऐसे में गंभीर मरीजों को जांच के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
600 से लेकर 1050 तक मरीज
स्वास्थ्य विभाग की माने तो जिला अस्पताल में रोजाना करीब 600 से लेकर 1050 तक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या गंभीर मरीजों की होती है, जिन्हें बीमारी की सही स्थिति जानने के लिए अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन अथवा एमआरआइ जैसी जांचों की जरूरत पड़ती है।
लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में जांच की सुविधा नहीं मिलने पर मरीजों को बाहर निजी केंद्रों पर जांच करानी पड़ती है। निजी अस्पतालों में जांच के बाद वहीं इलाज की मजबूरी लोगों ने कहा कि गंभीर मरीज जब निजी अस्पताल या जांच केंद्र में जांच कराने जाते हैं तो कई बार जांच के बाद उन्हें वहीं इलाज कराने की सलाह दी जाती है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति परेशानी का कारण बन जाती है। सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को जांच के लिए निजी संस्थानों में भेजे जाने से उनका उपचार खर्च बढ़ जाता है।
क्षेत्र के मुबारिक, खान, आजम, सुलेमान, आरिफ खान सहित दर्जनों जागरूक लोगों ने कहा कि जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को एक ही स्थान पर बेहतर उपचार और आवश्यक जांच की सुविधा मिलनी चाहिए।
इसके लिए अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। अस्पताल में मरीजों की संख्या और गंभीर मरीजों की जरूरत को देखते हुए अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जल्द ठोस कदम उठाए जाएं। इससे न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि जिला अस्पताल पर लोगों का भरोसा भी और मजबूत होगा।
इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से कई बार बात की है। मामले को उच्चस्तर पर उठाया जाएगा। ताकि लोगों स्वास्थ्य के संबंध में लाभ मिल सके। - मामन खान इंजिनीयर, विधायक फिरोजपुर झिरका
