जागरण संवादाता, फिरोजपुर झिरका : हरियाणा के नूंह जिले से सटे राजस्थान राज्य की सीमाओं से गायों की तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में राजस्थान सरकार ने नूंह सीमा से सटे इलाकों में गोतस्करी पर प्रतिबंध लगाने के लिए गोरक्षा के थाने खोले हैं। लेकिन इसके बावजूद भी यहां गायों की तस्करी अभी भी लगातार जारी है। जानकारी के अनुसार अधिकांश गायों की तस्करी नूंह जिला सीमा से सटे राजस्थान के भरतपुर और अलवर जिला क्षेत्र से होती है। ऐसे में गायों की तस्करी पर रोकथाम नहीं लगने से क्षेत्र के गोरक्षा प्रेमियों में राजस्थान सरकार एवं पुलिस के प्रति रोष पनप रहा है। लोगों ने गायों की तस्करी पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

बता दें कि नूंह जिले में गोहत्या व तस्करी के मामलों पर विराम नहीं लग रहा है। हालांकि हरियाणा सरकार ने इस बारे में कड़े कानून बनाकर इसे लागू किया हुआ है लेकिन इसका असर गोहत्यारों पर नहीं पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार सबसे अधिक गोतस्करी राजस्थान के पहाड़ी थाना क्षेत्र और नौगांव थाना क्षेत्र से होती है। इन थाना क्षेत्रों के कच्चे रास्तों से गोतस्कर बदमाश गायों को चुराकर नूंह में लाते हैं।

इलाके का हो रहा है नाम बदनाम :

नूंह जिला आपसी सद्भावना व सांप्रदायिक सद्भाव के लिए पहचाना जाता है। लेकिन यहां कुछ असामाजिक तत्व गोहत्या जैसे मामलों में लिप्त होकर लगातार इस इलाके की सांप्रदायिक सद्भावना की तस्वीर को धूमिल करने का काम रहे हैं। हालांकि जिला पुलिस गायों की हत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए असामाजिक तत्वों को पकड़ भी रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता इसहाक मोहम्मद, बार प्रधान यावर आलम आदि का कहना है कि यदि गोहत्या पर अंकुश लगाना है तो निश्चित रूप से इसपर राजस्थान पुलिस को सख्ती बरतनी होगी।

उपरोक्त संदर्भ में उचित कार्रवाई करने हेतु हम राजस्थान पुलिस से और अधिक संपर्क स्थापित करेंगे। निश्चित रूप से हमारी पुलिस गोतस्करी की वारदातों पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।

- संजीव बलहारा, डीएसपी फिरोजपुर झिरका।

Posted By: Jagran

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