जागरण संवाददाता, नूंह : नूंह बालभवन के जिला बाल कल्याण अधिकारी (डीसीडब्ल्यूओ) विश्वास मलिक के मामले की जांच ठंडे बस्ते में देखी जा रही है। मामले को करीब 20 दिन बीत गए है, लेकिन अभी तक जांच नहीं हो पाई है। वहीं हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव कृष्ण ढुल का कहना है कि अभी तक जिला प्रशासन की ओर मामले के बारे में किसी प्रकार की जानकारी मुहैया नहीं हो पाई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उक्त मामले पर संज्ञान लिया जाएगा। उसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।

जिला बाल कल्याण परिषद नूंह के अध्यक्ष एवं उपायुक्त पंकज कुमार मामले की जांच कर रहे है। इस मामले में जांच अधिकारी किसे नियुक्त किया गया है। जांच कमेटी में कौन-कौन शामिल है इस बारे में फिलहाल जानकारी नहीं मिल पाई है।

बता दें,कौशल विकास केंद्र की सुपरवाइजर व शिक्षिकाओं को नौकरी से निकालने के मामले में पीड़िताओं द्वारा करीब 20 दिनों पहले जिला प्रशासन को शिकायत सौंपी। उक्त शिकायत सुपरवाइजर ने हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव कृष्ण ढुल को चंडीगढ़ स्थित हेड क्वार्टर में भी दी गई। जिसके बाद जिला प्रशासन को मामले की जांच के लिए लेटर लिखा गया। शिकायतकर्ता सुपरवाइजर आशा रानी ने डीसीडब्ल्यूओ पर नौकरी से हटाने व चरित्र पर अंगुली उठाने का आरोप लगाया। वहीं तीन शिक्षिकाओं ने सुपरवाइजर आशा रानी के खिलाफ न लिखने पर डीसीडब्ल्यूओ द्वारा नौकरी से निकालने बारे में शिकायत दर्ज कराई। उक्त अधिकारी की शिकायत करने के बाद पीड़िताओं पर लगातार दबाव बनाया गया। इसके अलावा जान से मारने की धमकी तक दी गई। वहीं सूत्र बताते है कि उक्त अधिकारी ने अपने पक्ष में कौशल विकास केंद्रों की अन्य शिक्षिकाओं से हलफनामा तैयार कराए हैं। करीब तीन वर्ष से नूंह जिले में तैनात उक्त अधिकारी के खिलाफ अब से पहले भी ऐसी शिकायतें सामने आई थी। जिला प्रशासन की ओर जांच रिपोर्ट आने के बाद उक्त मामले के बारे संज्ञान लिया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले के बारे में कोई जानकारी मुहैया नहीं कराई गई है।

कृष्ण ढुल, मानद महासचिव, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद।

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