जागरण संवाददाता, नारनौल (कनीना) : कनीना में फर्जी कंपनी बनाकर कॉटन और पुराने स्कूल बैग का कारोबार दिखाकर शातिरों ने जिला आयकर एवं कराधान विभाग को 32.59 करोड़ रुपये का फटका लगा दिया। पुलिस ने जिला आयकर एवं कराधान अधिकारी की शिकायत पर पूनम पत्नी संजय निवासी निमोठ, चरण ¨सह पुत्र लाल¨सह निवासी रालियावास, प्रवीन पुत्र रतन ¨सह निवासी अकबरपुर जिला रेवाड़ी, अनुपम ¨सगला सिरसा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। विभाग में हडकंप मच गया है। और अधिकारियों ने अंदर खाते रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है।

पुलिस को दी शिकायत में इटीओ विक्रांत ने बताया कि कनीना में पूनम इंडस्ट्रीज नामक फर्म कागजातों में फर्जी खोल ली गई। फर्म ने फर्जी जीएसटी नंबर एवं फर्जी बिल बनाकर सरकार को 32 करोड़ 59 लाख 48 हजार 318 रुपये का नुकसान पहुंचाया। फर्म पूनम के नाम से रजिस्टर्ड हुई। जिसमें चरण ¨सह, प्रवीन व अनुपम ¨सगला ने फर्जी तरीके से बिल तैयार किए। इस मामले में एसजीएसटी के 15 करोड़ छह लाख सात हजार 260, आईजीएसटी के एक लाख 99 हजार 959 सीजीएसटी के 17 करोड़ 51 लाख 41 हजार 99 मिलाकर कुल 32 करोड़ 59 लाख 48 हजार 318 रुपये का अलग-अलग तरीकों से गोलमाल किया गया।

27 अप्रैल 2018 से पूनम इंडस्ट्रीज कनीना नाम से फर्म शुरू हुई थी। इस फार्म का अप्रैल से सितंबर तक का टर्न ओवर शून्य रहा, जबकि अक्टूबर 2018 में टर्न ओवर 32,83,37565 रुपये पहुंच गया। नवंबर 2018 में टर्न ओवर 24,06,40,1917 रुपये का रहा। आरोपितों ने बिल भ¨टडा, भिवानी, रेवाड़ी आदि करीब दो दर्जन संस्थाओं के दिखा रखे थे। जो फर्जी बना रखे थे। इटीओ विक्रांत के पास चंडीगढ़ से सूचना आई थी कि जीएसटी पोर्टल पर फर्म के बारे में रेंडमली चेक करते वक्त कुछ गड़बड़ हो रही है। जब कंपनी के बिलों की जांच की गई तो फर्जी तरीके से बनाए गए मिले व जीएसटी नंबर भी फर्जी पाए गए।

Posted By: Jagran

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