जागरण संवाददाता, नारनौल

अपने खेत की मिट्टी की तासीर की जानकारी अब किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड पोर्टल पर मिलेगी। भारत सरकार की योजना है कि किसान को ऑनलाइन ही उसके खेत की हर जानकारी दी जाए ताकि वह सही समय पर सही किस्म की खाद प्रयोग करे। इसी संबंध में आज उपमंडल कृषि अधिकारी कार्यालय में अधिकारी कर्मचारियों को भूमि प्रशिक्षण अधिकारी डा. हरिराम यादव की अध्यक्षता में मृदा स्वास्थ्य कार्ड मोबाइल एप प्रशिक्षण दिया गया।

भूमि प्रशिक्षण अधिकारी डा. हरिराम यादव ने बताया कि अब कृषि एवं एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी व कर्मचारी गांव-गांव जाकर मृदा नमूने मोबाइल एप के माध्यम से खेत में खड़े होकर लेंगे। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप में मौके पर ही नंबर व अन्य जानकारी कर्मचारी को खेत में ही खड़ा होकर भरनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि मौके पर ही किसान का नाम, पिता का नाम, गांव, जमीन का रिकार्ड, जमीन की किस्म, फसल की किस्म व उस क्षेत्र में उपलब्ध खाद की जानकारी भरी जाएगी। इसके बाद लैब में टेस्ट करने के बाद इसमें नाइट्रोजन, फासफोरस, पोटास, ¨जक, सल्फर, कॉपर, मैगजीन, मैगनिशियम, पीए व ईएच व अन्य रिजल्ट निकाले जाएंगे। इसके बाद ये सारे रिजल्ट सोयल हेल्थ कार्ड पोर्टल पर डाले जाएंगे। जीपीएस प्रणाली के जरिए मृदा जांच के नमूने भरे जाते थे। अब सरकार ने फैसला लिया है कि इस एप के माध्यम से सारी जानकारी फीड करके किसानों की सहूलियत के लिए इस पोर्टल पर डाली जाए। इस अवसर पर डा. सतीश, डा. हरिश, डा. देवेंद्र व अन्य फील्ड अधिकारी मौजूद थे।

By Jagran