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430 एकड़ जमीन को मिल रही मुफ्त सिंचाई, महेंद्रगढ़ के किसानों के लिए वरदान बना करोड़ों का सोलर प्रोजेक्ट

Published: Thu, 29 Oct 2026 05:34 PM (IST)

महेंद्रगढ़ के सागरपुर गांव में 4.5 करोड़ रुपये का सोलर आधारित एमआई प्रोजेक्ट किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा ...और पढ़ें

साढ़े चार करोड़ के सोलर प्रोजेक्ट से सागरपुर के खेतों में पहुंच रहा मुफ्त पानी। जागरण

साढ़े चार करोड़ के सोलर प्रोजेक्ट से सागरपुर के खेतों में पहुंच रहा मुफ्त पानी। जागरण

HighLights

  1. साढ़े चार करोड़ का सोलर आधारित एमआई प्रोजेक्ट।

  2. 430 एकड़ भूमि को मुफ्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध।

  3. ड्रिप सिस्टम से पानी की बचत और बेहतर उत्पादन।

संवाद सहयोगी, मंडी अटेली (महेंद्रगढ़)। खेतों में फसलों की सिंचाई के लिए पानी का इंतजाम करना किसानों के लिए हमेशा बड़ी चुनौती रहा है, लेकिन गांव सागरपुर में आधुनिक तकनीक ने इस परेशानी को काफी हद तक कम कर दिया है। यहां काडा योजना के अंतर्गत करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से तैयार सोलर आधारित एमआई प्रोजेक्ट किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है।

इस परियोजना के माध्यम से करीब 430 एकड़ भूमि को सिंचाई की सुविधा मिल रही है। इस बार चालू होने से किसान फ्री में ही फसल की सिंचाई कर रहे है।

खास बात यह है कि किसानों को खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए बिजली खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ती और सिंचाई के लिए पानी मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है।

गांव के पूर्व सरपंच रोहतास ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पहले की तरह परेशान नहीं होना पड़ता। पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। किसानों ने इस व्यवस्था पर खुशी जाहिर करते हुए इसे खेती के लिए उपयोगी पहल बताया।

सौर ऊर्जा से चल रहा पूरा सिस्टम

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका सौर ऊर्जा आधारित होना है। नहर के पानी से पहले एक बड़े जलाशय (पोंड) को भरा जाता है। इसके बाद पाइपलाइन के माध्यम से पानी सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाता है। सौर ऊर्जा से संचालित व्यवस्था के कारण सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भरता नहीं रहती, जिससे किसानों को अतिरिक्त बिजली खर्च की चिंता से राहत मिलती है।

ड्रिप सिस्टम से पानी की बचत पर जोर

परियोजना के तहत ड्रिप सिंचाई प्रणाली के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाया जाता है। इससे पानी का जरूरत के अनुसार इस्तेमाल होता है और बर्बादी कम करने में मदद मिलती है। ड्रिप सिस्टम से फसलों को उचित मात्रा में पानी मिलने के साथ बेहतर उत्पादन की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। इस प्रणाली को अपनाने के लिए सरकार किसानों को 85 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है।

जमीन के हिसाब से मिलेगा पानी

एमआई प्रोजेक्ट के कनिष्ठ अभियंता नितिन कुमार ने बताया कि किसानों को उनके भूमि क्षेत्र के अनुसार पानी की आपूर्ति की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रत्येक किसान को उसकी जमीन के अनुपात में पानी देना और जल के दुरुपयोग को रोकना है।